हिमाचल को 1500 और पंजाब को 1600 करोड़ की मदद देंगे प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल और पंजाब में बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया। हिमाचल को 1500 करोड़ और पंजाब को 1600 करोड़ की वित्तीय मदद देने का ऐलान किया।

हिमाचल को 1500 और पंजाब को 1600 करोड़ की मदद देंगे प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री मोदी ने हिमाचल और पंजाब में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया
पंजाब को 1600 करोड़ और हिमाचल को 1500 करोड़ की वित्तीय सहायता का ऐलान
पीएम ने प्रभावित लोगों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिया


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे उत्तर भारत के दो राज्यों – हिमाचल प्रदेश और पंजाब का हवाई सर्वेक्षण किया और भारी वित्तीय पैकेज का ऐलान किया। सबसे पहले पीएम ने हेलिकॉप्टर से कुल्लू, मंडी और चंबा जिलों का जायजा लिया। इसके बाद कांगड़ा में समीक्षा बैठक में शामिल हुए। बैठक के दौरान अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन के जरिए आपदा से हुए नुकसान की जानकारी दी। पीएम मोदी ने घोषणा की कि हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार की ओर से 1500 करोड़ रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए देने का ऐलान किया।

बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी मौजूद रहे। पीएम ने इसके बाद मंडी, कुल्लू और चंबा के 18 प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी आपबीती सुनी। इस दौरान उन्होंने एक साल की बच्ची नितिका को भी गोद में उठाया, जिसके माता-पिता और दादी की 30 जून को मंडी में बादल फटने से मौत हो गई थी। प्रधानमंत्री ने नितिका को टॉफी देकर उसे सांत्वना दी।

इसके बाद प्रधानमंत्री पंजाब पहुंचे और वहां गुरदासपुर में 19 किसानों, NDRF और SDRF की टीमों से बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों और मंत्रियों के साथ स्थिति की समीक्षा की और पंजाब को 1600 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि केंद्र सरकार हर संभव मदद करेगी और किसी भी प्रभावित परिवार को अकेला नहीं छोड़ेगी।

इससे पहले, 5 सितंबर को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अमृतसर, गुरदासपुर और कपूरथला में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया था और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी।

प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे ने न सिर्फ प्रभावित परिवारों को राहत दी है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि आपदा की घड़ी में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर लोगों के साथ खड़ी हैं।