बिजली गुल, टोल फ्री नंबर भी नहीं मिल रहा, हजारों लोग परेशान

पानीपत में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के बीच कई इलाकों में बिजली गुल है, टोल फ्री नंबर नहीं मिलने और पानी की सप्लाई प्रभावित होने से लोग परेशान हैं

बिजली गुल, टोल फ्री नंबर भी नहीं मिल रहा, हजारों लोग परेशान

➤ सेक्टर-18 समेत कई इलाकों में बिजली गुल, शाम से लोग परेशान
➤ टोल फ्री हेल्पलाइन पर संपर्क नहीं होने का स्थानीय लोगों ने लगाया आरोप
➤ बिजली कटौती से पानी की सप्लाई प्रभावित, इनवर्टर भी जवाब देने लगे


पानीपत: हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल के बीच पानीपत में बिजली संकट ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर के सेक्टर-18 समेत कई रिहायशी इलाकों में शाम से बिजली गुल होने की शिकायत सामने आई है। लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होने से घरों में लगे इनवर्टर भी जवाब देने लगे हैं। वहीं बिजली के अभाव में पानी की मोटरें नहीं चल पाने से कई इलाकों में पानी की सप्लाई भी प्रभावित होने की बात सामने आई है। सबसे ज्यादा परेशानी उस समय बढ़ गई, जब स्थानीय लोगों ने शिकायत के लिए बिजली निगम के टोल फ्री नंबर और कंट्रोल रूम से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनके अनुसार फोन पर मदद नहीं मिल सकी।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिजली जाने के बाद लोगों ने समस्या की शिकायत करने और बिजली कब तक आएगी, इसकी जानकारी लेने के लिए संबंधित हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने का प्रयास किया। लोगों के मुताबिक, कई बार कोशिश के बावजूद संपर्क नहीं हो पाया। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ गई है।

बिजली गई तो पानी की सप्लाई भी प्रभावित

बिजली कटौती का असर केवल घरों की रोशनी तक सीमित नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बिजली नहीं होने के कारण पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं, जिससे पानी की व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। जिन घरों में इनवर्टर हैं, वहां लंबे समय तक बिजली बंद रहने के कारण बैटरी भी जवाब देने लगी है।

लोगों का कहना है कि बिजली आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई तो रात के समय परेशानी और बढ़ सकती है। खासकर ऐसे परिवारों को दिक्कत हो रही है, जिनके घरों में पानी की व्यवस्था बिजली से चलने वाली मोटर पर निर्भर है।

फॉल्ट ठीक कराने को लेकर भी चिंता

स्थानीय निवासियों का कहना है कि हड़ताल के दौरान यदि किसी इलाके में बिजली लाइन में फॉल्ट आ जाता है तो उसे ठीक कराने में परेशानी हो रही है। लोगों की मांग है कि बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के बावजूद आवश्यक सेवाओं के लिए वैकल्पिक और आपातकालीन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित न रहे।

लोगों का कहना है कि बिजली जैसी जरूरी सेवा बंद होने के बाद शिकायत दर्ज कराने और समाधान की जानकारी हासिल करने का रास्ता भी आसान होना चाहिए। यदि हेल्पलाइन से संपर्क नहीं हो पाता है तो उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ जाती है।

प्रशासन के दावों पर उठे सवाल

बिजली संकट के बीच स्थानीय लोगों ने प्रशासन की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि पहले से हड़ताल की जानकारी थी तो प्रभावित क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था संभालने के लिए वैकल्पिक टीमों की तैनाती की जानी चाहिए थी।

निवासियों के मुताबिक, बिजली आपूर्ति बाधित होने के साथ ही शिकायतों का समाधान नहीं होने से लोगों में रोष बढ़ रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में बिजली निगम या स्थानीय प्रशासन की ओर से इन शिकायतों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

निजीकरण के विरोध में तीन दिवसीय हड़ताल

हरियाणा में बिजली कर्मचारी बिजली विभाग के निजीकरण के विरोध में तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल पर हैं। इसी दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

पानीपत में भी हड़ताल के बीच कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों की मांग है कि प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी करे और जहां भी फॉल्ट या तकनीकी समस्या के कारण बिजली बंद है, वहां आपातकालीन टीम भेजकर जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल कराई जाए।

फिलहाल पानीपत के प्रभावित इलाकों के लोगों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि बिजली कब बहाल होगी और शिकायत दर्ज कराने के लिए उन्हें प्रभावी सहायता कब मिलेगी। बिजली के साथ पानी की व्यवस्था प्रभावित होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।