हरियाणा में बिजली संकट गहराया, 15 जिलों में हड़ताल का असर; भिवानी में करंट लगने से किसान की मौत
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से 15 जिलों में बिजली सप्लाई प्रभावित हुई, लोगों ने प्रदर्शन और जाम लगाया, भिवानी में किसान की मौत हुई
➤ 15 जिलों में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से सप्लाई और फॉल्ट सुधार प्रभावित
➤ करनाल-फरीदाबाद में बिजली संकट को लेकर लोगों ने जाम लगाया
➤ भिवानी में ट्रांसफॉर्मर पर काम करने गए किसान की करंट लगने से मौत
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल के पहले ही दिन बिजली संकट ने कई जिलों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। गुरुग्राम-नूंह क्षेत्र में निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस दिए जाने के विरोध में शुरू हुई इस हड़ताल का असर गुरुग्राम, हिसार, हांसी, कुरुक्षेत्र, महेंद्रगढ़, झज्जर, फरीदाबाद, पानीपत, पंचकूला, रोहतक, जींद, कैथल, करनाल, यमुनानगर और अंबाला समेत 15 जिलों में दिखाई दिया। कई स्थानों पर फॉल्ट आने के बाद बिजली कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे लंबे समय तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। इसी बीच भिवानी में ट्रांसफॉर्मर पर काम करने गए 50 वर्षीय किसान बलवान की करंट लगने से मौत हो गई।
हड़ताल का सबसे बड़ा असर उन इलाकों में दिखाई दे रहा है, जहां बिजली लाइनों या ट्रांसफॉर्मर में खराबी आई है। कर्मचारियों के हड़ताल पर होने के कारण कई जगह फॉल्ट ठीक नहीं हो सके। इससे घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसान, दुकानदार और कारोबारी भी परेशान हैं। कई इलाकों में बिजली के साथ-साथ पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है।
भिवानी में ट्रांसफॉर्मर पर चढ़े किसान की मौत
भिवानी के सुरपुरा कलां गांव के खेतों में गुरुवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ। कासनी खुर्द गांव निवासी बलवान (50) खेत में बिजली के सिंगल फेज को थ्री फेज में बदलने के लिए ट्रांसफॉर्मर पर चढ़े थे। इसी दौरान उन्हें करंट लग गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
बताया गया कि बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के बीच किसान खुद ही ट्रांसफॉर्मर पर काम करने पहुंचे थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। बिजली निगम बहल के एसडीओ ऋषभ ने भी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सुरपुरा कलां में एक व्यक्ति की करंट लगने से मौत की सूचना मिली थी।
बलवान के परिवार में उनकी पत्नी की करीब 20 साल पहले मौत हो चुकी थी। उनकी एक बेटी शादीशुदा है, जबकि उनके दोनों बेटे अविवाहित हैं।
अंबाला कैंट में रात से कई इलाकों की बिजली गुल
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का असर बिजली मंत्री अनिल विज के गृहक्षेत्र अंबाला कैंट में भी देखने को मिला। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बुधवार रात करीब 11 बजे से निर्मल परिसर, आसपास की कॉलोनियों, बब्याल और डिफेंस कॉलोनी में बिजली आपूर्ति बाधित है।
बिजली गुल होने से लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ा। घरेलू कामकाज से लेकर मोबाइल चार्जिंग, वाई-फाई, फ्रिज में रखे खाद्य पदार्थों और अन्य जरूरी कामों पर इसका असर पड़ा। कुछ परिवारों को पानी की कमी के कारण वैकल्पिक इंतजाम करने पड़े।
फरीदाबाद में लोगों ने लगाया जाम
फरीदाबाद के NIT क्षेत्र में बिजली संकट से परेशान लोगों ने लखानी धर्मशाला के पास सड़क पर जाम लगा दिया। लोगों का कहना था कि इलाके में बिजली नहीं होने के कारण घरों में पानी तक नहीं भर पाया।
जाम की वजह से सड़क पर आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग को लेकर लोगों में नाराजगी दिखाई दी।
गुरुग्राम के 12 गांवों में सप्लाई प्रभावित
गुरुग्राम में भी हड़ताल का असर कई ग्रामीण क्षेत्रों में पड़ा। खैंटावास, धानावास, गुगाना, कारौला, साढराणा, ताजनगर, पातली और जुडौला समेत कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की जानकारी सामने आई।
ग्रामीणों के मुताबिक, सुबह से ब्रेकडाउन के कारण बिजली का इंतजार करना पड़ रहा है। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते फॉल्ट ठीक होने में देरी की स्थिति बनी हुई है। गुरुग्राम के सेक्टर-14 स्थित बिजली निगम कार्यालय के बाहर कर्मचारियों की नारेबाजी के बाद पुलिस भी तैनात की गई।
पानीपत में जनरेटर से पानी भरने की नौबत
पानीपत में बिजली संकट का असर रोजमर्रा के कामों पर भी पड़ा। कुछ लोगों को जनरेटर किराए पर लेकर पानी की टंकियां भरनी पड़ीं। वहीं पानीपत अनाज मंडी में भी बिजली आपूर्ति बाधित होने से काम प्रभावित होने की जानकारी सामने आई।
बाबरपुर फीडर के ठप होने से करीब 10 गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित बताई गई। यहां किसी अन्य कर्मचारी की ड्यूटी नहीं लगाई गई थी और बिजलीघर पर पुलिस की तैनाती की गई।
जींद और चरखी दादरी में भी असर
जींद के 132 केवी बिजलीघर में बिजली कर्मचारियों का धरना जारी रहा। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन दिया। बिजली आपूर्ति प्रभावित रहने से पेयजल और रोजमर्रा के कामों पर असर पड़ा।
चरखी दादरी में भी हड़ताल शुरू होने के बाद शहर के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। ग्रामीण इलाकों के सांजरवास और घसोला पावर हाउस में भी बिजली संकट की स्थिति रही। 11 केवीए की मुख्य लाइनों में फॉल्ट के कारण कई गांव प्रभावित हुए।
फतेहाबाद में बिजलीघर के बाहर किसानों का धरना
फतेहाबाद के जाखल क्षेत्र के तलवाड़ा गांव में बिजली बंद रहने से परेशान किसानों ने जाखल बिजलीघर में धरना शुरू कर दिया। किसानों की मांग बिजली आपूर्ति बहाल करने और समस्या का समाधान करने को लेकर रही।
सरकार ने बिजलीघरों पर पुलिस तैनात की
हड़ताल के कारण पैदा हुई स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने बिजलीघरों पर पुलिस बल तैनात किया है। बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं, ताकि उपलब्ध स्टाफ के जरिए बिजली व्यवस्था को संभाला जा सके।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बिजली कर्मचारियों से हड़ताल पर नहीं जाने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है और बातचीत के रास्ते खुले हुए हैं।
निजी कंपनी को लाइसेंस देने के विरोध में आंदोलन
बिजली कर्मचारियों का विरोध गुरुग्राम-नूंह में निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस दिए जाने को लेकर है। कर्मचारियों का आरोप है कि इस फैसले से बिजली वितरण व्यवस्था के निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
वहीं पूर्व वित्त मंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. संपत सिंह ने भी बिजली कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग ने इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को 25 साल के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस दिया है।
संपत सिंह ने इस फैसले को जनविरोधी बताते हुए कई सवाल उठाए। उन्होंने कंपनी की पूंजी, परियोजना के आकार और कथित मूल्यांकन को लेकर भी आरोप लगाए हैं। ये उनके राजनीतिक आरोप हैं और इन पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। एक तरफ कर्मचारी निजी कंपनी को लाइसेंस देने के फैसले का विरोध कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार व्यवस्था सामान्य रखने की कोशिश कर रही है। भिवानी में किसान की मौत की घटना ने हड़ताल के बीच बिजली व्यवस्था से जुड़े जोखिम को और गंभीर बना दिया है।
Akhil Mahajan