नगर निगम में हंगामा, BJP-AAP पार्षद भिड़े, माइक तोड़ने और फाइलें फेंकने की कोशिश; मार्शल्स मेयर को बचाकर बाहर ले गए

दिल्ली नगर निगम में प्रदूषण पर बहस के दौरान BJP-AAP पार्षदों में हंगामा हुआ। माइक और फाइलों को लेकर विवाद बढ़ा, मार्शलों ने मेयर को सुरक्षित बाहर निकाला।

नगर निगम में हंगामा, BJP-AAP पार्षद भिड़े, माइक तोड़ने और फाइलें फेंकने की कोशिश; मार्शल्स मेयर को बचाकर बाहर ले गए

➤ सदन में धक्का-मुक्की, पानी फेंकने और फाइलें खींचने की स्थिति बनी
➤ मेयर की कुर्सी तक पहुंचे पार्षद, मार्शलों ने संभाला मोर्चा
➤ वार्ड विकास फंड की मांग को लेकर बढ़ा विवाद, मामला अनुशासनात्मक कमेटी को भेजा गया


दिल्ली नगर निगम के सदन में प्रदूषण के मुद्दे पर प्रस्तावित चर्चा शुक्रवार को गंभीर राजनीतिक टकराव में बदल गई। बैठक के दौरान भाजपा और आम आदमी पार्टी के पार्षदों के बीच जमकर बहस हुई और देखते ही देखते सदन में हंगामा, धक्का-मुक्की और फाइलें खींचने की स्थिति बन गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवाद इतना बढ़ा कि पार्षदों ने एक-दूसरे पर पानी फेंका और माइक को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मार्शलों को सदन में आना पड़ा और उन्होंने मेयर प्रवेश वाही को सुरक्षित बाहर निकाला।

AAP के पार्षद एक साथ स्पीकर की चेयर तक चले गए। उन्होंने वहां फाइलें खींचने की कोशिश की।

प्रदूषण पर चर्चा से पहले बिगड़ा माहौल

दिल्ली नगर निगम की बैठक में प्रदूषण से निपटने के उपायों पर चर्चा होनी थी। बैठक शुरू होने के बाद ही भाजपा और आप के पार्षदों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। कुछ ही देर में यह बहस हंगामे में बदल गई और सदन के भीतर अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हंगामे के दौरान पार्षद एक-दूसरे पर चिल्लाते नजर आए। पानी फेंकने और फाइलें इधर-उधर करने की स्थिति भी बनी। इस पूरे विवाद में कांग्रेस के पार्षद भी शामिल रहे।

सदन में स्थिति को संभालने के लिए मार्शलों को अंदर आना पड़ा।

विकास फंड की मांग को लेकर बढ़ा विवाद

रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवाद की एक बड़ी वजह वार्डों के विकास के लिए फंड जारी करने की मांग रही। आप पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों के विकास के लिए तत्काल फंड जारी करने की मांग रखी।

मेयर प्रवेश वाही ने तत्काल 25 लाख रुपये देने का ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में पार्षदों को कुल 2 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसके बावजूद विपक्षी पार्षदों का विरोध शांत नहीं हुआ।

रिपोर्ट्स के अनुसार, आप पार्षद तत्काल जारी होने वाले फंड को बढ़ाकर कम से कम 1 करोड़ रुपये करने की मांग कर रहे थे। इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच विवाद और तीखा हो गया।

मेयर की कुर्सी तक पहुंचीं आप पार्षद

हंगामे के दौरान आप पार्षद शगुफ्ता जुबैर मेयर की कुर्सी तक पहुंच गईं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उन्होंने वहां लगे माइक को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। विपक्ष के नेता अंकुश नारंग पर भी माइक को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया।

इसके बाद सदन में स्थिति और बिगड़ गई। मार्शलों को बीच-बचाव के लिए आगे आना पड़ा। उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और मेयर को सदन से सुरक्षित बाहर ले गए।

कांग्रेस और आप नेताओं के बीच भी तीखी बहस

हंगामे के दौरान कांग्रेस नेता नाजिया दानिश और आप नेता अंकुश नारंग के बीच भी तीखी बहस हुई। दानिश की ओर से आप पर सवाल उठाए जाने के बाद नारंग ने उन पर भाजपा के साथ होने का आरोप लगाया।

इसके जवाब में दानिश ने भी पलटवार किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया और सदन का माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।

अनुशासनात्मक कमेटी करेगी मामले की जांच

घटना के बाद पूरे मामले को सदन की अनुशासनात्मक कमेटी के पास भेज दिया गया है। कमेटी हंगामे के दौरान पार्षदों के व्यवहार और लगाए गए आरोपों की जांच करेगी। इसके बाद संबंधित पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर फैसला लिया जाएगा।

इस घटना ने दिल्ली नगर निगम की बैठक में राजनीतिक टकराव और सदन की कार्यवाही के दौरान अनुशासन को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा के लिए बुलाई गई बैठक का हंगामे में बदल जाना निगम की कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है।