पानीपत कोर्ट का बड़ा आदेश, SHO समेत 8 पर केस
पानीपत कोर्ट ने किला थाना के SHO समेत 8 लोगों पर केस दर्ज करने के आदेश दिए। शिकायतकर्ता पर उल्टा FIR दर्ज करने के आरोप के बाद यह कार्रवाई हुई।
पानीपत कोर्ट का पुलिस पर सख्त एक्शन, SHO सहित 8 पर केस दर्ज
शिकायतकर्ता पर उल्टा FIR दर्ज करने का आरोप
अदालत ने माना मामला संज्ञेय अपराध, जांच के आदेश
पानीपत की एक स्थानीय अदालत ने पुलिस कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने थाना किला के तत्कालीन SHO, एक SI और छह अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह मामला संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। कोर्ट के निर्देशों के बाद किला थाना पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पूरा मामला राजाखेड़ी गांव के निवासी राजेश से जुड़ा है, जिन्होंने अपने वकील एडवोकेट महिंद्र सिंह देशवाल के माध्यम से अदालत में आपराधिक शिकायत दायर की थी।
शिकायत के अनुसार, 3 अक्टूबर 2025 को राजेश के चचेरे भाइयों और उनके परिवार के सदस्यों मंजीत, वजीर, दर्शन, सीमा और लाली ने उन पर जानलेवा हमला किया। आरोप है कि हमलावरों ने दाह, कुल्हाड़ी और डंडों जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया, जिससे राजेश के सिर और पैर में गंभीर चोटें आईं।
घटना के बाद मेडिकल जांच में भी चोटों की पुष्टि हुई। MLR और CT स्कैन रिपोर्ट में गंभीर चोटों का उल्लेख किया गया है, जो हमले की पुष्टि करती हैं।
हालांकि, पीड़ित का आरोप है कि जब वह न्याय की मांग लेकर किला थाना पहुंचे, तो पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उन्हीं के खिलाफ झूठी FIR दर्ज कर दी।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन SHO निरीक्षक नीरज लाठवाल और जांच अधिकारी SI अनूप ने आरोपियों के साथ मिलीभगत कर मामले को दबाने की कोशिश की। आरोप है कि जांच अधिकारी का आरोपियों से दूर का रिश्ता होने के कारण निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई।
कोर्ट ने इन सभी तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए मामला दर्ज करने का आदेश दिया। अब पुलिस को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करनी होगी और आरोपों की सच्चाई सामने लानी होगी।
फिलहाल इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई है और आगे की जांच पर सभी की नजर बनी हुई है।
Akhil Mahajan