साध्वी देवा ठाकुर ने हांसी वाले बाबा को बताया फर्जी

हांसी के बाबा दिनेश पुरी पर साध्वी देवा ठाकुर ने फर्जी होने और यूट्यूबरों को पैसे देकर प्रचार कराने के आरोप लगाए हैं। मामले में विवाद गहराता जा रहा है।

साध्वी देवा ठाकुर ने हांसी वाले बाबा को बताया फर्जी

साध्वी देवा ठाकुर ने हांसी वाले बाबा को बताया फर्जी
यूट्यूबरों को पैसे देकर प्रचार कराने का लगाया आरोप
दिव्य शक्तियों के दावों पर उठाए सवाल, खुली चेतावनी


हरियाणा के हांसी में दिव्य दरबार लगाकर चर्चाओं में आए बाबा दिनेश पुरी अब विवादों में घिर गए हैं। करनाल की साध्वी Deva Thakur ने बाबा पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें फर्जी और आस्था के नाम पर लोगों को गुमराह करने वाला बताया है। उन्होंने लाइव वीडियो जारी कर बाबा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और खुली चुनौती दी।

साध्वी देवा ठाकुर, जो देवा फाउंडेशन की प्रमुख हैं, ने आरोप लगाया कि हांसी के नंद नगर स्थित बालाजी धाम में दिव्य दरबार लगाने वाले Dinesh Puri अपने प्रचार के लिए यूट्यूबरों को 3 से 5 हजार रुपए देकर वीडियो बनवाते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर बाबा के पास इतनी शक्तियां हैं, तो उन्हें वीडियो वायरल कराने के लिए पैसों का सहारा क्यों लेना पड़ रहा है।

साध्वी ने अपने बयान में कहा कि बाबा पर्चा निकालने और तंत्र-मंत्र के जरिए लोगों के बारे में बताने का दावा करते हैं। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बाबा को सब कुछ पता चल जाता है, तो उन्हें अपने खिलाफ दर्ज हुए मामलों की जानकारी पहले क्यों नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सच में ऐसी शक्तियां हैं, तो पुलिस और प्रशासन की मदद कर अपराधियों का पता लगाएं

उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि अगर बाबा कैंसर जैसी बीमारियां ठीक करने का दावा करते हैं, तो उन्हें हांसी के अस्पताल बंद कराकर पूरे इलाके को बीमारी मुक्त करके दिखाना चाहिए। इससे उनकी शक्तियों की सच्चाई सामने आ जाएगी।

साध्वी देवा ठाकुर ने यह भी दावा किया कि बाबा के खिलाफ कई लोग सामने आने वाले हैं और कुछ लोग मानहानि के मुकदमे की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि अभी 15-20 लोग और हैं, जो जल्द ही बाबा की पोल खोलेंगे।

साध्वी ने आरोप लगाया कि दिव्य दरबार के नाम पर लोगों से पैसे लिए जा रहे हैं और हर पूर्णमासी को दरबार लगाकर लाखों रुपए की कमाई की जा रही है। उन्होंने इसे धर्म और आस्था के नाम पर लोगों को गुमराह करने वाला काम बताया और कहा कि इससे सनातन धर्म की छवि को नुकसान पहुंच रहा है।