हरियाणा में तापमान 40°C के करीब, गर्मी ने पकड़ी रफ्तार
हरियाणा में तापमान 40°C के करीब पहुंच गया है। 7 शहरों में पारा 38°C पार कर गया है। 17-18 अप्रैल को आंधी और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
■ हरियाणा में तापमान 40°C के करीब, गर्मी ने पकड़ी रफ्तार
■ 7 शहरों में पारा 38°C पार, फरीदाबाद सबसे गर्म
■ 17-18 अप्रैल को आंधी-बारिश के आसार, किसानों को अलर्ट
हरियाणा में अब गर्मी ने पूरी तरह से अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया, जिससे लोगों को दिन के समय तेज गर्मी का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक तापमान फरीदाबाद में 39.4°C दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में औसतन करीब 2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। यही कारण है कि प्रदेश के 7 प्रमुख शहरों में तापमान 38 डिग्री से ऊपर पहुंच गया। इनमें हिसार (38.8°C), भिवानी (39.0°C), गुरुग्राम (39.0°C), फरीदाबाद (39.4°C), सिरसा (38.9°C), सोनीपत (38.5°C) और रोहतक (38.5°C) शामिल हैं।
गर्मी का असर अब सिर्फ दिन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रात का तापमान भी बढ़ने लगा है। नारनौल में न्यूनतम तापमान 21.5°C, भिवानी में 21.0°C और 21.5°C दर्ज किया गया, जबकि करनाल में सबसे कम 15.6°C तापमान रिकॉर्ड हुआ। औसतन न्यूनतम तापमान में भी करीब 0.9 डिग्री की बढ़ोतरी देखी गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि 16 अप्रैल तक मौसम साफ और शुष्क बना रहेगा, जिससे तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि इसके बाद मौसम में बदलाव के संकेत हैं। 17 और 18 अप्रैल को प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंधी (30-40 किमी/घंटा), गरज-चमक और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। खासतौर पर पश्चिमी और दक्षिणी हरियाणा में इसका असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।
कृषि वैज्ञानिकों ने भी किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। Chaudhary Charan Singh Haryana Agricultural University (HAU) हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 20 अप्रैल तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। 15-16 अप्रैल को जहां तापमान और बढ़ेगा, वहीं 17-18 अप्रैल को पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान के ऊपर बनने वाले साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मौसम बदल सकता है।
HAU के विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे गेहूं की कटाई सुबह या शाम के समय करें और संभावित आंधी-बारिश को देखते हुए फसल को सुरक्षित रखें। इसके अलावा पशुओं को धूप से बचाने और पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सब्जियों और फलों की फसलों में जरूरत के अनुसार सिंचाई जारी रखने की भी सलाह दी गई है।
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