“फैसला नहीं बदला तो होगी बड़ी लड़ाई” – हिसार की नई अनाज मंडी से अभय चौटाला का अल्टीमेटम
हिसार की अनाज मंडी में अभय चौटाला ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर फैसले नहीं बदले गए तो इनेलो बड़ा आंदोलन करेगी। किसानों की समस्याओं को लेकर उठाए सवाल।
➤ हिसार की नई अनाज मंडी से अभय चौटाला का सरकार को अल्टीमेटम
➤ मंडी सिस्टम और पोर्टल व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल
➤ किसानों की परेशानी दूर न हुई तो ‘बड़ी लड़ाई’ की चेतावनी
हरियाणा के हिसार की नई अनाज मंडी में पहुंचे अभय सिंह चौटाला ने किसानों और व्यापारियों की समस्याओं को लेकर सरकार पर जोरदार हमला बोला। इस दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने अपने फैसले नहीं बदले, तो इनेलो बड़ी लड़ाई लड़ने को मजबूर होगी।
चौटाला ने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले जिन 230 मंडियों और फोकल पॉइंट्स को चालू रखा था, उन्हें बंद करने का फैसला लिया, जिससे किसान और व्यापारी दोनों प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था चौधरी देवीलाल और ओमप्रकाश चौटाला के समय विकसित की गई थी, जिसे अब खत्म करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने बताया कि व्यापारियों और किसानों के दबाव के बाद सरकार को कुछ फैसले वापस लेने पड़े, लेकिन अभी भी कई शर्तें लागू हैं, जिससे किसानों को परेशानी हो रही है। लाइसेंस रिन्यूअल भी केवल 6 महीने के लिए किया गया, जो अस्थायी समाधान है।
अभय चौटाला ने सरकारी पोर्टल और सर्वर सिस्टम पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर सर्वर डाउन हो जाते हैं, जिससे किसानों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि “एक मिनट भी किसान को अनावश्यक इंतजार नहीं करना चाहिए” और सरकार की जिम्मेदारी है कि मंडियों में पानी, छाया, भोजन और ठहरने की पूरी व्यवस्था हो।
चौटाला ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की नई नीतियों के कारण पोर्टल बार-बार बंद होता है, जिससे खरीद प्रक्रिया प्रभावित होती है। उन्होंने इसे किसानों को सुविधा देने के बजाय परेशान करने वाला सिस्टम बताया।
राजनीतिक मोर्चे पर भी उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष अपनी भूमिका सही तरीके से नहीं निभा रहा है। साथ ही उन्होंने आगामी निकाय चुनावों में इनेलो की मजबूत तैयारी का भी संकेत दिया और कहा कि पार्टी हर जिले में अपने उम्मीदवार उतारेगी।
अभय चौटाला ने अंत में स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने किसानों, मजदूरों और व्यापारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो इनेलो सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।
Akhil Mahajan