NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का बड़ा प्रदर्शन
हिसार में NEET पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया। NTA को भंग करने और HPSC चेयरमैन के इस्तीफे की मांग उठाई गई।
हिसार में NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का जोरदार प्रदर्शन
NTA को भंग करने और HPSC चेयरमैन के इस्तीफे की मांग
DYFI-SFI ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सौंपा ज्ञापन
हरियाणा के हिसार में NEET परीक्षा में कथित धांधली और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं को लेकर छात्रों और युवा संगठनों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। गुरुवार को भारत की जनवादी नौजवान सभा (DYFI) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने और हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के चेयरमैन आलोक वर्मा के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार और परीक्षा एजेंसियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
संगठनों का कहना है कि NEET पेपर लीक की घटनाओं ने देशभर के करीब 22 लाख परीक्षार्थियों को मानसिक तनाव में डाल दिया है। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि परीक्षा में धांधली कुछ भ्रष्ट लोगों की मिलीभगत का नतीजा है, जिन्हें छात्रों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है।
ज्ञापन में मांग की गई कि परीक्षा आयोजित कराने की प्रक्रिया को विकेंद्रीकृत किया जाए। संगठनों ने कहा कि पुरानी व्यवस्था की तरह सरकारी एजेंसियों को ही परीक्षाओं की जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
प्रदर्शन के दौरान HPSC और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर भी कई बड़े सवाल उठाए गए। छात्र संगठनों ने HPSC चेयरमैन आलोक वर्मा के इस्तीफे या उन्हें तत्काल बर्खास्त करने की मांग की।
इसके अलावा भर्ती परीक्षाओं में न्यूनतम 35 प्रतिशत अंक की अनिवार्य शर्त समाप्त करने की मांग रखी गई। संगठनों का कहना है कि सभी अभ्यर्थियों को इंटरव्यू का मौका मिलना चाहिए और चयन पूरी तरह मेरिट के आधार पर होना चाहिए।
ज्ञापन में हाईकोर्ट के फैसलों को तत्काल लागू करने और पूरी भर्ती प्रक्रिया को UGC गाइडलाइंस के तहत पूरा करने की भी मांग की गई।
छात्र संगठनों ने सरकार से सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को जल्द भरने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि लंबे समय से भर्ती प्रक्रियाएं अटकी हुई हैं, जिससे युवा वर्ग में नाराजगी बढ़ रही है।
DYFI और SFI के जिला पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द मांगों पर कार्रवाई नहीं की, तो छात्र और युवा संगठन बड़े आंदोलन की शुरुआत करेंगे।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे। लघु सचिवालय परिसर में प्रदर्शनकारियों ने सरकार और परीक्षा एजेंसियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
pooja