मौ*त के बाद भी मां ने नहीं छोड़ा छह माह की बेटी का साथ

लाहौल-पांगी भूस्खलन हादसे में मां और छह माह की बेटी की मौत हो गई। राहत दल को मलबे में मां अपनी बेटी को सीने से लगाए मिली। 11 मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया।

मौ*त के बाद भी मां ने नहीं छोड़ा छह माह की बेटी का साथ
  • लाहौल-पांगी भूस्खलन हादसे में मां और छह माह की बेटी की दर्दनाक मौत
  • राहत दल को मलबे में बेटी को सीने से लगाए मिली मां, भावुक कर गया दृश्य
  • हादसे में जान गंवाने वाले 11 लोगों का चंद्रभागा नदी किनारे अंतिम संस्कार

हिमाचल प्रदेश के लाहौल-पांगी सीमा पर हुए भीषण भूस्खलन हादसे ने पूरे प्रदेश को गहरे शोक में डुबो दिया है। इस दर्दनाक हादसे में उदयपुर के छालिंग गांव की रहने वाली सोनम आगमो और उनकी छह माह की मासूम बेटी की मौत हो गई। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान सामने आया एक मार्मिक दृश्य हर किसी की आंखें नम कर गया। मलबे में मां अपनी मासूम बेटी को सीने से लगाए हुए मिलीं। मौत भी मां की ममता को बेटी से अलग नहीं कर सकी।

जानकारी के अनुसार सोनम आगमो अपने पति छेरिंग दोरजे के साथ उदयपुर के छालिंग गांव में रहती थीं। वह अपनी छह माह की बेटी को गोद में लेकर मायके परमार गांव (भटोरी पंचायत) जा रही थीं। इसी दौरान लाहौल-पांगी सीमा पर कडू नाला के पास अचानक पहाड़ी दरक गई और भारी चट्टानें व मलबा उनकी टैक्सी पर आ गिरा।

हादसा इतना भीषण था कि वाहन पूरी तरह मलबे में दब गया। मां-बेटी सहित वाहन में सवार कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद राहत एवं बचाव दल ने घंटों तक अभियान चलाकर मलबा हटाया।

राहत कार्य के दौरान जब टीम मलबा हटा रही थी, तब सोनम आगमो अपनी छह माह की बेटी को सीने से कसकर लगाए हुए मिलीं। इस दृश्य ने राहतकर्मियों, पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों को भावुक कर दिया। मौके पर मौजूद कई लोगों की आंखें नम हो गईं।

हादसे के बाद मां और बेटी के शव उनके पैतृक गांव छालिंग लाए गए। गांव में दोनों की एक साथ अंतिम यात्रा निकाली गई। मां और मासूम की अर्थियां एक साथ उठीं तो परिजनों का विलाप और ग्रामीणों की सिसकियों से पूरा गांव गमगीन हो गया। पति छेरिंग दोरजे अपनी पत्नी और बेटी की अर्थी देखकर फूट-फूटकर रो पड़े।

इस भीषण हादसे में जान गंवाने वाले 11 लोगों का चंद्रभागा नदी के किनारे पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। आरसी पांगी अमनदीप सिंह ने बताया कि सभी मृतकों का अंतिम संस्कार धार्मिक परंपराओं के अनुसार संपन्न कराया गया।