आरोप: पैर का फ्रैक्चर और कर दिया दिल का ऑपरेशन! पानीपत के पार्क हॉस्पिटल का कारनामा, महिला की मौत
पानीपत के पार्क हॉस्पिटल में पैर फ्रैक्चर के इलाज के लिए भर्ती महिला की मौत के बाद परिजनों ने बिना अनुमति दिल का ऑपरेशन करने और फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप लगाया। पुलिस ने डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
➤ सड़क हादसे में पैर फ्रैक्चर के बाद महिला को आयुष्मान कार्ड पर कराया गया था भर्ती
➤ परिजनों का आरोप- बिना अनुमति दिल में डाला छल्ला, भर्ती फॉर्म पर किए फर्जी हस्ताक्षर
➤ पुलिस ने डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज कर शुरू की जांच, अस्पताल ने FIR देखने के बाद ही प्रतिक्रिया देने की कही बात
हरियाणा के पानीपत में एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हुई महिला की मौत ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रमेश नगर निवासी गुड्डी देवी को सड़क दुर्घटना में पैर में फ्रैक्चर होने के बाद GT रोड स्थित पार्क हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने पैर की हड्डी का इलाज करने के बजाय दिल का ऑपरेशन कर उसमें छल्ला (स्टेंट/रिंग) डाल दिया, जबकि इसके लिए परिवार से कोई अनुमति नहीं ली गई। ऑपरेशन के बाद महिला की मौत हो गई।
मृतका के बेटे कुलदीप ने आरोप लगाया कि अस्पताल ने आयुष्मान कार्ड का हवाला देकर उनकी मां को तुरंत भर्ती कर लिया, लेकिन इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई। उनका कहना है कि भर्ती से जुड़े दस्तावेजों पर अस्पताल के कर्मचारियों ने परिवार के फर्जी हस्ताक्षर भी कर दिए। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो अस्पताल प्रबंधन ने कथित तौर पर उन्हें धमकाया।
परिजनों के अनुसार 24 जुलाई को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बाइक दुर्घटना के दौरान गुड्डी देवी के पैर में फ्रैक्चर हुआ था। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए पानीपत के पार्क हॉस्पिटल लाया गया। परिवार का कहना है कि वे केवल पैर के ऑपरेशन के लिए अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन डॉक्टरों ने बिना जानकारी दिए दिल से जुड़ी प्रक्रिया कर दी।
कुलदीप ने बताया कि उनकी मां पिछले कई वर्षों से पानीपत में फैक्ट्री में काम करती थीं और परिवार करीब 15 वर्षों से शहर में रह रहा है। उनका आरोप है कि मां की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने इलाज के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी और सवाल पूछने पर अभद्र व्यवहार किया।
मामले की सूचना मिलने पर सेक्टर-29 थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। थाना प्रभारी सुभाष ने बताया कि शिकायत के आधार पर अस्पताल के डॉक्टरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106, 318(4) और 351(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, अस्पताल की CEO नेहा ने मीडिया से कहा कि वे FIR की प्रति देखने के बाद ही इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया देंगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सहित अन्य चिकित्सकीय दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
Akhil Mahajan