करणाल में धान घोटाले में चार अधिकारियों को पुलिस रिमांड, जांच तेज

करणाल के धान खरीद घोटाले में चार अधिकारियों को पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। फर्जी गेट पास और अवैध कमीशन से जुड़े आरोपों में SIT जांच में जुटी है, किसानों ने कार्रवाई का स्वागत किया है।

करणाल के धान घोटाले में चार अधिकारियों को पुलिस रिमांड
फर्जी गेट पास व भ्रष्टाचार के आरोपों में एसआईटी की गिरफ्तारी
किसानों ने कार्रवाई का स्वागत, अमीर अभियुक्तों के संपत्ति जांच की मांग


हरियाणा के करणाल जिले में धान खरीद घोटाले के संदिग्ध मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने पांच अलग-अलग प्राथमिकी (FIR) के तहत जांच के बाद चार अधिकारियों को गिरफ्तार किया था और उन्हें स्थानीय न्यायालयों में पेश कर विभिन्न अवधि के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अधिकारियों के रिमांड की अवधि अलग-अलग तय की गई, जिसमें कृष्ण ढांकर, असंदह मार्केट कमेटी के सचिव, को तीन दिन, आशा रानी, करनाल मार्केट कमेटी की पूर्व सचिव और दीपक सूहाग, जूंडला मार्केट कमेटी के सचिव को दो-दो दिन, और अनिल कुमार, करनाल के पूर्व जिला खाद्य व आपूर्ति नियंत्रक (DFSC) को एक दिन पुलिस रिमांड पर भेजा गया।

पुलिस ने बताया कि इन अधिकारियों की हिरासत इसलिए महत्वपूर्ण थी ताकि घोटाले में शामिल धन की रिकवरी की जा सके और यह पता लगाया जा सके कि कौन-कौन लोग इस मामले में शामिल हैं। SIT प्रभारी डीएसपी राजीव कुमार ने कहा है कि अब तक मामले में कुल छह FIR दर्ज की गई हैं और कम से कम 25 लोगों को गिरफ्तार या नामजद किया जा चुका है, जिनमें अधिकारी, कर्मचारी, निजी व्यक्तियों के अलावा व्यापारी और आढ़ती भी शामिल हैं। पुलिस जांच अभी भी जारी है और आगे अधिक गिरफ्तारी तथा धन की बरामदगी की संभावना जताई जा रही है।

घोटाले का केंद्र धान गोदामों में फर्जी गेट पास जारी करना और ऐसे रिकॉर्ड दिखाना रहा है जिसमें सरकारी खरीद का दावा किया गया लेकिन वास्तव में धान मंडी तक पहुंचा ही नहीं। इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है, यह आरोप पुलिस द्वारा लगाया गया है। जांच के समर्थन में किसानों ने अधिकारियों की गिरफ्तारी पर संतोष जताया है और बेमेतरा किसान यूनियन (Sir Chhotu Ram) के नेता बहादुर सिंह मेहला सहित किसानों ने आरोपियों की संपत्तियों की विस्तृत जांच की मांग की है।

यह मामला 2025-26 खरीदी मौसम का है, जिसमें नकली गेट पास और अवैध कमीशन जैसी गतिविधियाँ शामिल पाई गईं। एसआईटी ने बताया है कि अभी जांच में कई और नाम सामने आ सकते हैं और इसके लिए रिमांड का उपयोग किया जा रहा है।