मेरठ में तीन भाइयों ने ईरान के बच्चों के लिए दान की जमीन 15 लाख की जमीन दान पर सियासत
मेरठ के तीन भाइयों ने ईरान में हमले के शिकार बच्चों के परिवारों की मदद के लिए 15 लाख की जमीन दान कर दी। इस मामले में बीजेपी नेता ने जांच की मांग की है।
■ ईरान हमले के पीड़ित बच्चों के लिए तीन भाइयों ने दान की जमीन
■ 15 लाख की जमीन दान पर बीजेपी नेता ने उठाए सवाल, जांच की मांग
■ इंसानियत की मिसाल या नियमों का उल्लंघन? मामला चर्चा में
मेरठ के जानीखुर्द क्षेत्र के रसूलपुर धौलड़ी गांव में तीन भाइयों द्वारा ईरान में हमलों के शिकार हुए बच्चों के परिवारों की मदद के लिए अपनी जमीन दान करने का मामला सामने आया है। इस फैसले को जहां कई लोग इंसानियत की मिसाल बता रहे हैं, वहीं इस पर सियासत भी शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेता अंकित चौधरी ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर जांच की मांग की है।
गांव रसूलपुर धौलड़ी निवासी अमान मुस्तफा ने बताया कि अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान में किए गए हमलों में करीब 300 बच्चों की मौत की खबर से वह और उनका परिवार बेहद आहत हुआ। इस घटना ने उन्हें, उनके बड़े भाई यासिर मुस्तफा और छोटे भाई सुबर मुस्तफा को अंदर तक झकझोर दिया। इसके बाद तीनों भाइयों ने जरूरतमंदों की मदद करने का फैसला लिया और अपनी करीब 15 लाख रुपए कीमत की 125 गज जमीन दान करने का निर्णय लिया।
अमान मुस्तफा के अनुसार इस जमीन को दान करने के लिए उन्होंने अंजुमन हुसैनिया संस्था से संपर्क किया और बुधवार को संस्था के पदाधिकारियों को जमीन के कागजात सौंप दिए। संस्था के अध्यक्ष तनवीर हैदर ने तीनों भाइयों का आभार जताते हुए कहा कि इस भूखंड को बेचकर मिलने वाली धनराशि संस्था के माध्यम से ईरान में हमले से प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जाएगी।
इस घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में तीनों भाइयों की काफी सराहना हुई और लोगों ने इसे इंसानियत और मानवता की मिसाल बताया। हालांकि भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेता अंकित चौधरी ने इस मामले पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रशासन से तीनों भाइयों की संपत्ति की जांच कराने और यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि दान की जाने वाली धनराशि का उपयोग नियमों के अनुसार ही हो। इसके बाद यह मामला अब चर्चा और जांच की मांग के कारण सुर्खियों में आ गया है।
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