“आंदोलन के बावजूद सिस्टम जस का तस है, बदलाव सिर्फ कागज़ों में दिख रहा है”..महावीर फोगाट
महावीर फोगाट ने WFI में बदलाव न होने पर सवाल उठाए। विनेश फोगाट के समर्थन में गोंडा टूर्नामेंट की निष्पक्षता और बृजभूषण के प्रभाव को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
➤ महावीर फोगाट ने WFI में बदलाव न होने पर उठाए सवाल
➤ विनेश फोगाट के समर्थन में बोले, मौजूदा प्रमुख को बताया कठपुतली
➤ गोंडा टूर्नामेंट की निष्पक्षता पर गंभीर चिंता जताई
चंडीगढ़ से सामने आए एक अहम बयान में वरिष्ठ ओलंपिक कोच महावीर फोगाट ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों और लंबे समय तक चले आंदोलन के बावजूद भी महासंघ में कोई ठोस बदलाव नहीं दिख रहा है। उन्होंने साफ तौर पर आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था अब भी पहले जैसी ही संदिग्ध और भ्रष्ट बनी हुई है।
महावीर फोगाट का यह बयान उस समय आया है जब विनेश फोगाट ने सार्वजनिक रूप से खुलासा किया कि वह भी उन पीड़ित महिला पहलवानों में शामिल थीं, जिन्होंने पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। विनेश ने उत्तर प्रदेश के गोंडा में बृजभूषण के निजी कॉलेज में आयोजित किए जा रहे कुश्ती टूर्नामेंट पर भी सवाल उठाए हैं।
फोगाट ने आयोजन स्थल के औचित्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त इन्फ्रास्ट्रक्चर और बड़ी संख्या में खिलाड़ी मौजूद हैं, तो ऐसे में गोंडा में प्रतियोगिता आयोजित करना कई संदेह पैदा करता है। उन्होंने इसे अनुचित प्रतिस्पर्धा बताते हुए कहा कि इससे यह संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार और खेल मंत्रालय भी महासंघ में सुधार लाने में असफल रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा नेतृत्व केवल नाम मात्र का है और असल नियंत्रण अब भी बृजभूषण शरण सिंह के हाथों में है। फोगाट ने दोहराया कि डब्ल्यूएफआई को भंग किया जाना चाहिए और खेल मंत्रालय को सीधे इसकी जिम्मेदारी संभालनी चाहिए, ताकि भ्रष्टाचार और भेदभाव से ग्रस्त इस प्रणाली में सुधार लाया जा सके।
वहीं, विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करते हुए बताया कि वह पिछले डेढ़ साल से कुश्ती से दूर थीं, लेकिन अब वापसी की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि गोंडा में आयोजित होने वाले टूर्नामेंट में निष्पक्षता की उम्मीद करना मुश्किल है, क्योंकि वहां मैच के संचालन से लेकर फैसलों तक सब कुछ प्रभावित हो सकता है।
विनेश ने आरोप लगाया कि रेफरी चयन, पॉइंट्स देने की प्रक्रिया और मैच के परिणाम तक पर प्रभाव डाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार और खेल मंत्रालय इस पूरे मामले में मूक दर्शक बने हुए हैं और बृजभूषण को खुली छूट दे रखी है।
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि यौन उत्पीड़न मामले में जिन छह महिला पहलवानों ने शिकायत दर्ज करवाई थी, उनमें से एक वह खुद हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला फिलहाल कोर्ट में लंबित है और गवाही की प्रक्रिया जारी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के कारण अब तक पीड़ितों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई थी।
गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों का लंबा धरना चला था। इस दौरान साक्षी मलिक, संगीता फोगाट सहित कई पहलवानों ने हिस्सा लिया था। संसद की ओर मार्च के दौरान पुलिस के साथ झड़प और हिरासत की घटनाएं भी सामने आई थीं, जिसने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया था।
Akhil Mahajan