महिला आयोग चेयरपर्सन रेणू भाटिया की टिप्पणी पर भड़कीं नर्सें, रो पड़ी सीनियर अफसर,अस्पताल में बवाल,दो घंटे रोका अस्‍पताल का काम

एलएनजेपी अस्पताल की नर्सिंग ऑफिसर्स ने राज्य महिला आयोग चेयरपर्सन रेणू भाटिया की टिप्पणी के विरोध में पेन डाउन प्रदर्शन किया और सार्वजनिक माफी की मांग उठाई।

महिला आयोग चेयरपर्सन रेणू भाटिया की टिप्पणी पर भड़कीं नर्सें, रो पड़ी सीनियर अफसर,अस्पताल में बवाल,दो घंटे रोका अस्‍पताल का काम
  • एलएनजेपी अस्पताल की नर्सिंग ऑफिसर्स ने दो घंटे किया पेन डाउन प्रदर्शन
  • रेणू भाटिया की टिप्पणी से नर्सिंग कैडर की भावनाएं आहत होने का आरोप
  • सार्वजनिक माफी नहीं मिलने पर प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी

जींद के एलएनजेपी अस्पताल में सोमवार को नर्सिंग ऑफिसर्स ने राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणू भाटिया की टिप्पणी के विरोध में दो घंटे का पेन डाउन प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान नर्सिंग स्टाफ ने अस्पताल परिसर में एकत्र होकर अपनी नाराजगी जाहिर की और चेयरपर्सन से सार्वजनिक माफी की मांग उठाई।

हालांकि प्रदर्शन के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया। आपातकालीन विभाग, महिला वार्ड, पुरुष वार्ड, नवजात शिशु देखरेख इकाई और प्रसूति विभाग में एक-एक नर्सिंग ऑफिसर की ड्यूटी लगाई गई, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सारा अग्रवाल और जिला सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारी नर्सिंग ऑफिसर्स से बातचीत की और आश्वासन दिया कि वे स्वयं राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणू भाटिया से मुलाकात कर उनकी भावनाओं और मांगों को उनके सामने रखेंगे।

इस दौरान नर्सिंग ऑफिसर्स ने जिला सिविल सर्जन को एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में रेणू भाटिया से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान सीनियर नर्सिंग ऑफिसर गुरमीत कौर भावुक हो गईं और रोते हुए कहा कि की गई टिप्पणियों से पूरे नर्सिंग कैडर की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।

गौरतलब है कि एक दिन पहले राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणू भाटिया एलएनजेपी अस्पताल में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपों से जुड़े मामले की जांच के लिए पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने पीड़िता और अस्पताल प्रशासन से बातचीत की थी।

निरीक्षण के दौरान रेणू भाटिया ने पीएमओ डॉ. सारा अग्रवाल और तीन नर्सिंग ऑफिसर्स को निलंबित करने के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखने की बात कही थी। साथ ही कुछ कर्मचारियों पर चिकित्सक से मिलीभगत के आरोप भी लगाए थे। इन्हीं टिप्पणियों को लेकर नर्सिंग स्टाफ में भारी नाराजगी देखने को मिली।

नर्सिंग ऑफिसर्स का कहना है कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए इस प्रकार की टिप्पणी करना उचित नहीं है। उनका आरोप है कि सोशल मीडिया और इंटरनेट मीडिया पर संबंधित वीडियो वायरल होने से उनकी पेशेवर छवि को नुकसान पहुंचा है और नर्सिंग समुदाय की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है।

प्रदर्शन कर रही नर्सिंग ऑफिसर्स ने यह भी कहा कि अस्पतालों में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ दिन-रात मरीजों की सेवा करता है। कई बार एक नर्सिंग ऑफिसर को 80 से अधिक मरीजों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ती है। इसके बावजूद अक्सर हर छोटी-बड़ी समस्या के लिए नर्सिंग स्टाफ को ही जिम्मेदार ठहरा दिया जाता है।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में कहीं गंदगी हो या कोई अन्य अव्यवस्था, सबसे पहले नर्सिंग स्टाफ को ही कटघरे में खड़ा कर दिया जाता है। ऐसे में उनकी मेहनत और सेवा भावना को नजरअंदाज कर सार्वजनिक रूप से आरोप लगाना उचित नहीं है।

नर्सिंग ऑफिसर्स ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगती हैं तो वे पूरे हरियाणा में व्यापक आंदोलन और हड़ताल का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगी।