लेफ्ट‍िनेंट कर्नल ने न‍िज‍ी कंप‍न‍ियों को पहुंचाया लाभ , CBI ने बरामद किए 2. 36 करोड़ नकद बरामद

रक्षा मंत्रालय के उत्पादन विभाग में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल को CBI ने रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया। निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने की साजिश का मामला दर्ज।

लेफ्ट‍िनेंट कर्नल ने न‍िज‍ी कंप‍न‍ियों को पहुंचाया लाभ , CBI ने बरामद किए 2. 36 करोड़ नकद बरामद
  • रक्षा मंत्रालय के लेफ्टिनेंट कर्नल पर रिश्वतखोरी का आरोप
  • CBI ने 2.36 करोड़ नकद बरामद करने का दावा किया
  • निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने की साजिश का आरोप


केंद्रीय जांच ब्यूरो ने रक्षा मंत्रालय के उत्पादन विभाग में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। CBI के अनुसार, लेफ्टिनेंट कर्नल पर बेंगलुरु स्थित एक निजी कंपनी से कथित तौर पर 3 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है।

CBI की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि इस मामले में उनकी पत्नी कर्नल काजल बाली के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। तलाशी के दौरान श्रीगंगानगर स्थित उनके आवास से करीब 10 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

CBI के मुताबिक कर्नल काजल बाली वर्तमान में डिवीजन ऑर्डनेंस यूनिट, श्रीगंगानगर में कमांडिंग ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। इस मामले में एक कथित बिचौलिया विनोद कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है, जिस पर रिश्वत की राशि पहुंचाने का आरोप है।

जांच एजेंसी के अनुसार यह मामला 19 दिसंबर को गोपनीय सूचना के आधार पर दर्ज किया गया था। आरोप है कि लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा रक्षा उत्पादों के निर्माण और निर्यात से जुड़ी कुछ निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने की कथित साजिश में शामिल थे।

CBI का कहना है कि बेंगलुरु की कंपनी से जुड़े राजीव यादव और रवजीत सिंह कंपनी के मामलों को देख रहे थे और वे लगातार आरोपी अधिकारी के संपर्क में थे। आरोप है कि इन लोगों ने विभिन्न सरकारी विभागों और मंत्रालयों में कंपनी के पक्ष में लाभ दिलाने का प्रयास किया।

CBI के अनुसार 18 दिसंबर को कंपनी के कहने पर बिचौलिया विनोद कुमार ने कथित तौर पर 3 लाख रुपये की रिश्वत लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा को दी थी। एजेंसी का दावा है कि संबंधित कंपनी का संबंध दुबई से बताया गया है, जबकि भारत में इसका संचालन राजीव यादव और रवजीत सिंह कर रहे थे।

इस मामले में CBI ने दिल्ली, श्रीगंगानगर, बेंगलुरु और जम्मू समेत कई स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 23 दिसंबर तक CBI हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।