कुरूक्षेत्र कोर्ट का बड़ा फैसला: डॉ. विनिता मर्डर केस में 5 दोषियों को फांसी
कुरुक्षेत्र में गायनोकोलॉजिस्ट डॉ. विनिता मर्डर केस में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नौकरानी, उसके प्रेमी समेत 5 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई, 2 आरोपी बरी।
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गायनोकोलॉजिस्ट डॉ. विनिता मर्डर केस में 5 दोषियों को फांसी
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नौकरानी ने प्रेमी संग मिलकर रची थी डकैती और हत्या की साजिश
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कुरुक्षेत्र फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, 2 आरोपी बरी
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में तीन साल पहले हुई चर्चित गायनोकोलॉजिस्ट डॉ. विनिता की हत्या और डकैती के मामले में कोर्ट ने बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। कुरुक्षेत्र की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने डॉक्टर की नौकरानी, उसके प्रेमी समेत पांच दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। वहीं, मामले में नामजद दो आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है।
यह मामला जनवरी 2023 में सामने आया था, जिसने पूरे हरियाणा को झकझोर कर रख दिया था। जांच और लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने इसे ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ की श्रेणी में मानते हुए यह फैसला सुनाया।
अदालत के अनुसार, कैथल के टिटाना गांव की रहने वाली नौकरानी पूनम ने अपने बॉयफ्रेंड विक्रम उर्फ विक्की के साथ मिलकर इस साजिश की नींव रखी थी। इसके बाद इस साजिश में कैथल के चीका निवासी विक्रमजीत उर्फ बिट्टू, नारनौंद के किन्नर गांव निवासी सुनील कुमार और उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के भगवानगढ़ी गांव निवासी मनीष कुमार को भी शामिल किया गया।
कोर्ट ने सभी पांचों को डकैती और निर्मम हत्या का दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई। वहीं, इस केस में आरोपी बनाए गए पूर्व नौकर केत राम और उमेश कुमार को कोर्ट ने बरी कर दिया।
हत्या की रात का पूरा घटनाक्रम
डॉ. विनिता के पति डॉ. अतुल अरोड़ा के अनुसार, उनका कुरुक्षेत्र के कोठी नंबर 105 के ग्राउंड फ्लोर पर क्लीनिक था और उसी के ऊपर उनका आवास था। 9 जनवरी 2023 की रात करीब 9:20 बजे वह रोज की तरह अपने माता-पिता के कमरे में गए थे। तभी उन्हें पत्नी विनिता के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी।
जब वह बाहर दौड़े तो देखा कि दो बदमाश उनकी पत्नी के सिर पर पिस्तौल तानकर खड़े थे। बदमाशों ने विनिता को पिस्तौल की नोक पर ड्राइंग रूम में ले जाकर बैठा दिया और कैश व जेवर के बारे में पूछताछ शुरू कर दी।
डॉ. अतुल अरोड़ा ने बदमाशों को करीब एक लाख रुपए दे दिए, लेकिन इसके बावजूद बदमाशों ने उनकी पत्नी पर हमला जारी रखा। करीब 15 मिनट तक बदमाशों ने विनिता के साथ मारपीट की, जिसके बाद उनकी आवाज आनी बंद हो गई।
डर के मारे डॉ. अतुल अरोड़ा माता-पिता के कमरे में घुस गए और अंदर से कुंडी लगा ली। बदमाशों ने घर के फोन और इंटरकॉम की तारें काट दीं। किसी तरह जान बचाकर वह पीछे के दरवाजे से निकलकर पास के स्कूल में कूद गए और पड़ोसियों को सूचना दी।
पुलिस जब मौके पर पहुंची तो डॉ. विनिता कमरे में मृत अवस्था में पड़ी थीं। घर से कीमती गहने गायब थे। जांच में सामने आया कि आरोपी केक लेने के बहाने घर में दाखिल हुए थे।
ऐसे खुला साजिश का राज
तत्कालीन पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह भोरिया ने इस सनसनीखेज वारदात की जांच के लिए एसआईटी गठित की। सीसीटीवी फुटेज और परिजनों से पूछताछ के बाद पुलिस का शक पूर्व नौकरानी पूनम पर गया।
पूनम को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने हत्या और डकैती की पूरी साजिश कबूल कर ली। उसने बताया कि उसने अपने प्रेमी विक्रम उर्फ विक्की और उसके साथियों के साथ मिलकर लूट के इरादे से यह योजना बनाई थी।
पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया था। जांच में सामने आया कि चार आरोपी कैथल जिले के रहने वाले थे, जबकि एक आरोपी उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से जुड़ा था।
हथियार और लूटा गया सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार देसी कट्टे 315 बोर और एक देसी पिस्टल बरामद की थी। रिमांड के दौरान करीब साढ़े 19 लाख रुपए के जेवरात और डेढ़ लाख रुपए नकद भी बरामद किए गए थे।
12 जनवरी 2023 को पुलिस ने इस मामले में विनिता के नौकर केत राम और एक अन्य महिला को भी गिरफ्तार किया था, लेकिन लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने केत राम को दोषमुक्त कर दिया।
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह मामला सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि भरोसे और इंसानियत को कुचलने वाली साजिश है। इसलिए दोषियों को कठोरतम सजा देना जरूरी है, ताकि समाज में कड़ा संदेश जाए।
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