जयहिंद की कॉल से ‘झोटों’ माफी विवाद ने पकड़ा तूल “कौन से झोटे?” अधिकारी का जवाब वायरल, बढ़ी बहस
नवीन जयहिंद की लाइव कॉल के बाद सस्पेंड अधिकारी गीतूराम तंवर के बयान पर नया विवाद, ‘झोटों’ से माफी की मांग को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज।
■ जयहिंद की लाइव कॉल से ‘झोटों’ माफी विवाद फिर गरमाया
■ अधिकारी का “कौन से झोटे” जवाब सोशल मीडिया पर वायरल
■ जाटों के बाद अब ‘झोटों’ से माफी की मांग तेज
हरियाणा के झज्जर-सोनीपत क्षेत्र से जुड़ा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है, जब सामाजिक कार्यकर्ता नवीन जयहिंद ने एक सस्पेंडेड अधिकारी से लाइव फोन कॉल के जरिए सवाल उठाकर बहस को नया मोड़ दे दिया। यह मामला बिजली निगम के सस्पेंड एएसई गीतूराम तंवर के पुराने विवादित बयान से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर कुछ समुदायों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था।
नवीन जयहिंद ने यह बातचीत स्पीकर पर कर सोशल मीडिया पर लाइव अंदाज में साझा की। बातचीत में उन्होंने सीधे सवाल किया, “साहब, झोटों से माफी कौन मांगेगा?” इस पर अधिकारी का जवाब आया—“कौन से झोटे?” यह जवाब सामने आते ही वीडियो तेजी से वायरल हो गया और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
जयहिंद ने तुरंत पलटवार करते हुए कहा कि “जो आपने वीडियो में कहा था, उसी के लिए।” अधिकारी ने जवाब दिया कि वे पहले ही माफी मांग चुके हैं, लेकिन जयहिंद ने फिर सवाल उठाया कि “अभी तो आपने जाट-जाटा से गलती मानी है, झोटों से नहीं।” इसके बाद बातचीत में हल्का माहौल बन गया और अधिकारी ने हंसते हुए कहा, “झोटों से भी माफी मांग लेंगे।”
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो Facebook पर पोस्ट किया गया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। यूजर्स ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं और कमेंट सेक्शन में तीखी बहस छिड़ गई। कई लोगों ने कहा कि अगर एक समुदाय से माफी मांगी गई है, तो दूसरे से भी माफी जरूरी है, जबकि कुछ ने पूरे विवाद को अनावश्यक बताया।
जयहिंद ने एक पोस्ट में यह भी दावा किया कि “झोटा समाज” के प्रतिनिधि उनके पास पहुंचे थे और उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी ने दोनों समुदायों के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। उन्होंने लिखा कि “जाटों से तो माफी मंगवा दी, लेकिन झोटों से अब तक माफी नहीं मांगी गई।”
गौरतलब है कि विवादित बयान के बाद ही एएसई गीतूराम तंवर को सस्पेंड किया जा चुका है और मामला विभागीय जांच के अधीन है। इस बीच सोशल मीडिया पर बढ़ती बहस ने इस मुद्दे को और संवेदनशील बना दिया है। अब देखना होगा कि यह मामला आगे क्या मोड़ लेता है और क्या सभी पक्षों को संतुष्ट करने के लिए कोई ठोस कदम उठाया जाता है।
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