इंटरनेशनल खिलाड़ी निकला कॉलेज संचालक के बेटे का किडनैपर, होली पर स्कॉर्पियों में डालकर ले गया
झज्जर में 8 वर्षीय बच्चे के अपहरण मामले में एसटीएफ ने बड़ा खुलासा किया। इंटरनेशनल पैरा जूडो खिलाड़ी ने साले के साथ मिलकर 5 करोड़ की फिरौती लेकर बच्चे को छोड़ा।
➤ पैरा जूडो खिलाड़ी निकला अपहरण का मास्टरमाइंड
➤ साले के साथ मिलकर 20 दिन से रची थी साजिश
➤ परिवार से 5 करोड़ लेकर रोहतक के पास छोड़ा बच्चा
हरियाणा के झज्जर जिले में आठ वर्षीय बच्चे के अपहरण मामले में एसटीएफ ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि इस सनसनीखेज वारदात का मास्टरमाइंड एक इंटरनेशनल पैरा जूडो खिलाड़ी है। आरोपी ने अपने साले के साथ मिलकर पूरी साजिश रची और बच्चे की रिहाई के बदले परिवार से 5 करोड़ रुपए की फिरौती भी वसूल ली।
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, मुख्य आरोपी मोनू निवासी कंसाला (रोहतक) एक बेहतरीन पैरा जूडो खिलाड़ी रह चुका है और कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुका है। लेकिन जल्दी अमीर बनने की चाहत में उसने अपराध का रास्ता चुन लिया।
बताया जा रहा है कि आरोपी ने अपने साले मनीष उर्फ चिंटू के साथ मिलकर करीब 20 दिन पहले अपहरण की पूरी योजना तैयार की थी। मनीष गांव बराणी का ही रहने वाला है और वह बच्चे के पिता अमरजीत फौगाट की गौशाला में काम करता था। इसी कारण उसे परिवार की आर्थिक स्थिति और बच्चे की दिनचर्या की पूरी जानकारी थी।
धुलेंडी के दिन किया अपहरण
4 मार्च को धुलेंडी के दिन सुबह करीब 10:45 बजे गांव बराणी में जब लोग होली खेलने में व्यस्त थे, उसी समय मनीष ने योजना के तहत 8 वर्षीय हुनरजीत को गांव की दुकान पर सामान लेने भेजा। वहां पहले से ही सफेद स्कॉर्पियो में बैठे मोनू और उसके साथियों ने बच्चे को जबरन गाड़ी में बैठाया और फरार हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने गाड़ी का पीछा करने की कोशिश भी की, लेकिन आरोपी तेजी से मौके से निकल गए।
परिवार से मांगी 5 करोड़ की फिरौती
एसटीएफ के एएसपी विक्रांत भूषण के अनुसार, अपहरण के कुछ समय बाद ही आरोपियों ने परिवार से संपर्क किया और बच्चे की सुरक्षित रिहाई के बदले 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी। परिवार ने बच्चे की सलामती को देखते हुए आरोपियों को 5 करोड़ रुपए दे दिए। इसके बाद आरोपी बच्चे को रोहतक के पास एक सुनसान इलाके में छोड़कर फरार हो गए।
एसटीएफ का एक्शन, दो आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ रोहतक यूनिट ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। निरीक्षक नरेंद्र पाल के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी और खुफिया इनपुट के आधार पर जाल बिछाया। इसके बाद एसटीएफ ने मुख्य आरोपी मोनू और उसके साथी मनीष को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए झज्जर जिला पुलिस को सौंप दिया गया है।
कई जिलों में पुलिस की छापेमारी
एसटीएफ एएसपी विक्रांत भूषण ने बताया कि मामले में अभी दो अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में झज्जर, रोहतक और हांसी में छापेमारी की जा रही है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और अपहरण में इस्तेमाल स्कॉर्पियो वाहन तथा 5 करोड़ रुपए की फिरौती बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
Akhil Mahajan