UP के सरकारी अस्पतालों में 8689 डॉक्टरों के पद खाली, मरीजों की बढ़ी परेशानी डॉक्टरों की भारी कमी से चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था, AAP का सरकार पर हमला

उत्तर प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में 8689 डॉक्टरों के पद खाली होने का दावा AAP ने किया है। पार्टी का कहना है कि डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है और कई जगह इलाज तक नहीं मिल रहा।

UP के सरकारी अस्पतालों में 8689 डॉक्टरों के पद खाली, मरीजों की बढ़ी परेशानी  डॉक्टरों की भारी कमी से चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था, AAP का सरकार पर हमला

UP में सरकारी अस्पतालों में 8689 डॉक्टरों के पद खाली
AAP ने कहा- चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था, मरीजों को लंबी कतारों में लगना पड़ रहा
डॉक्टरों की कमी से गरीब मरीज निजी अस्पतालों का सहारा लेने को मजबूर


उत्तर प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने प्रदेश सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में 8689 डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है।

AAP के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता वंशराज दुबे ने बयान जारी कर कहा कि डॉक्टरों की कमी के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और जिला अस्पतालों में मरीजों को इलाज के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। कई जगह मरीजों को डॉक्टर ही नहीं मिलते, जिससे उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के पद खाली होने से सरकारी अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था कमजोर होती जा रही है और इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और ग्रामीण मरीजों पर पड़ रहा है।

निजी अस्पतालों पर बढ़ रही निर्भरता

AAP नेता वंशराज दुबे के अनुसार, सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी के कारण गरीब मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है, जहां उनसे इलाज के नाम पर भारी रकम वसूली जाती है।

बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव

उन्होंने आरोप लगाया कि कई सरकारी अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं की भी कमी है। हालात यह हैं कि अस्पतालों में एक्सरे की फिल्म तक उपलब्ध नहीं है और मरीजों को एक्सरे रिपोर्ट फोटोकॉपी के कागज पर दी जा रही है

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मांग

AAP ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि खाली पड़े डॉक्टरों के पदों को जल्द भरा जाए और सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए, ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।


संभावित असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डॉक्टरों के खाली पद जल्द नहीं भरे गए तो ग्रामीण और छोटे शहरों में स्वास्थ्य सेवाओं पर और ज्यादा दबाव बढ़ सकता है, जिससे मरीजों को समय पर इलाज मिलने में दिक्कत हो सकती है।