यमुना में डूबकर चाचा-भतीजा की मौत; डूब रहे दो बच्चों को बचाया, तीसरे को बचाते वक्त हादसा
पानीपत के पत्थरगढ़ के पास यमुना नदी में तीन बच्चों को बचाने के दौरान चाचा और भतीजे की डूबने से मौत हो गई। युवक ने दो बच्चों की जान बचा ली थी।
- यमुना नदी में डूबे चाचा-भतीजा, दोनों की दर्दनाक मौत
- तीन बच्चों को बचाने कूदा युवक, दो की बचाई जान
- भतीजे को बचाने के प्रयास में चाचा भी गहरे पानी में समाया
पानीपत के सनौली क्षेत्र में स्थित यमुना नदी में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। गांव पत्थरगढ़ के पास नहाने गए तीन बच्चों को बचाने के प्रयास में एक युवक और उसके 13 वर्षीय भतीजे की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार सनौली क्षेत्र के गांव नवादा पार के कुछ बच्चे यमुना नदी में नहाने के लिए गए थे। नहाने के दौरान 13 वर्षीय आवेश और उसके दो साथी अचानक गहरे पानी में चले गए। तेज बहाव के कारण तीनों बच्चे खुद को संभाल नहीं सके और डूबने लगे। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
बच्चों को डूबता देख आवेश के चाचा जाबिर (30) ने बिना अपनी जान की परवाह किए यमुना नदी में छलांग लगा दी। जाबिर ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए संघर्ष कर रहे दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इसके बाद वह अपने भतीजे आवेश को बचाने के लिए दोबारा गहरे पानी की ओर बढ़े। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आवेश तेज बहाव में काफी दूर निकल चुका था। जाबिर ने किसी तरह उसे पकड़ भी लिया, लेकिन इसी दौरान दोनों गहरे पानी के भंवर और दलदली हिस्से में फंस गए।
काफी प्रयास के बावजूद दोनों बाहर नहीं निकल सके और देखते ही देखते यमुना नदी में समा गए। यह मंजर देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण, स्थानीय गोताखोर और पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों और गोताखोरों ने लंबे समय तक तलाशी अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों के शव नदी से बाहर निकाले गए।
सनौली थाना पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पानीपत सिविल अस्पताल भिजवा दिया। पुलिस ने मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जाबिर की बहादुरी की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना बच्चों को बचाने का प्रयास किया और दो बच्चों की जान भी बचा ली। हालांकि अपने भतीजे को बचाने की कोशिश में उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी।
Akhil Mahajan