फरीदाबाद में महिला मौत केस में नया मोड़, 2 साल बाद हत्या एंगल से जांच

फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में महिला पूजा की मौत मामले में 2 साल बाद नया मोड़ आया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस ने हत्या एंगल से जांच शुरू की है।

फरीदाबाद में महिला मौत केस में नया मोड़, 2 साल बाद हत्या एंगल से जांच

2 साल बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदली पूजा मौत केस की दिशा

गले पर मिले ‘V शेप’ निशान के बाद हत्या एंगल से जांच शुरू

परिजनों ने पति और पुलिस पर लगाए मामले को दबाने के आरोप

फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ स्थित भगत सिंह कॉलोनी में महिला पूजा की मौत का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। शुरुआत में इसे बीमारी और हादसे से जुड़ी सामान्य मौत बताया गया था, लेकिन अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कोर्ट में पेश तथ्यों के बाद पुलिस ने मामले की जांच हत्या के एंगल से शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, 11 अगस्त 2024 को 40 वर्षीय पूजा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। उस समय पति सतीश ने पुलिस को बताया था कि पूजा रसोई में काम करते हुए अचानक बेहोश होकर गिर गई थी। उसने यह भी दावा किया था कि पूजा पहले से बीमार थी। पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई पति के बयान के आधार पर ही की थी।

हालांकि मृतका के भाई अक्षय को मामले में शुरू से ही शक था। उन्होंने न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामला ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट यतन क्वात्रा की अदालत में पहुंचा, जहां पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तस्वीरें और अन्य दस्तावेज पेश किए गए। रिकॉर्ड में मौजूद तथ्यों को देखने के बाद कोर्ट ने माना कि मामला सामान्य मौत नहीं बल्कि हत्या का प्रतीत होता है।

जांच के दौरान सबसे अहम तथ्य मृतका के गले पर मिला ‘V शेप’ का निशान रहा। कोर्ट में पेश तस्वीरों में यह निशान स्पष्ट दिखाई दिया। वहीं नल्लड़ मेडिकल कॉलेज से आई विसरा रिपोर्ट में भी गला दबाकर हत्या किए जाने की आशंका जताई गई है। इन तथ्यों के सामने आने के बाद थाना शहर बल्लभगढ़ पुलिस ने करीब दो साल बाद केस को नए सिरे से खोल दिया है।

मृतका की बहन ममता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूजा को उसके पति और ससुराल पक्ष के लोग लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे। परिवार का आरोप है कि पति को पूजा के चरित्र पर शक था और इसी वजह से उसे अक्सर परेशान किया जाता था।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि उस समय पुलिस ने निष्पक्ष जांच नहीं की। उनका कहना है कि तत्कालीन जांच अधिकारी ने केवल बयान दर्ज कर मामले को सामान्य मौत मानकर बंद करने की कोशिश की। न्याय नहीं मिलने पर परिवार लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाता रहा और आखिरकार कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।

अब मामले में पुलिस दोबारा सभी पहलुओं की जांच कर रही है। चावला कॉलोनी चौकी प्रभारी जसबीर सिंह ने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि कई बार संदिग्ध मौतों में शुरुआती जांच कितनी अहम होती है। वहीं परिवार को उम्मीद है कि दो साल बाद ही सही, लेकिन अब पूजा को न्याय जरूर मिलेगा।