ऋषिकेश के होटल में लिफ्ट गिरी, हरियाणा के 22 पत्रकार घायल, कुछ गंभीर
ऋषिकेश के एक होटल में लिफ्ट गिरने से फरीदाबाद के 22 पत्रकार घायल हो गए। हादसे में 5 पत्रकारों की हालत गंभीर है और उनका इलाज एम्स ऋषिकेश में जारी है।
➤ ऋषिकेश के होटल में लिफ्ट हादसा, फरीदाबाद के 22 पत्रकार घायल
➤ पांचवीं मंजिल से नीचे गिर गई लिफ्ट, होटल में मची चीख-पुकार
➤ 5 पत्रकारों की हालत गंभीर, एम्स ऋषिकेश में चल रहा इलाज
उत्तराखंड के ऋषिकेश में हरियाणा के फरीदाबाद से आए पत्रकारों के एक दल के साथ बड़ा हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार ऋषिकेश रोड स्थित एक होटल में खाना खाने के बाद पत्रकार पांचवीं मंजिल से नीचे लौट रहे थे। इसी दौरान अचानक लिफ्ट की वायर टूट गई और लिफ्ट सीधे ग्राउंड फ्लोर पर आ गिरी।
हादसे के वक्त लिफ्ट में करीब 22 पत्रकार सवार बताए जा रहे हैं। लिफ्ट गिरते ही होटल परिसर में जोरदार धमाके की आवाज गूंज उठी और मौके पर चीख-पुकार मच गई। होटल स्टाफ और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया गया।
हादसे में कई पत्रकार घायल हुए हैं, जिनमें से 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों की पहचान तरुण कुमार, मनोज सूर्यवंशी, रूपेश कुमार, चेतन सिंह और जय प्रकाश के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक एक घायल पत्रकार के दोनों पैरों में फ्रैक्चर आया है।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और होटल कर्मचारियों की मदद से सभी घायलों को बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए एम्स ऋषिकेश भेजा गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उपचार जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई। पुलिस ने होटल प्रबंधन से लिफ्ट के रखरखाव, तकनीकी जांच और सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं।
वहीं हादसे का शिकार हुए पत्रकारों और अन्य लोगों ने होटल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि होटल में सुरक्षा मानकों का ठीक से पालन नहीं किया गया, जिसके कारण इतना बड़ा हादसा हुआ।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा तकनीकी खराबी की वजह से हुआ या फिर रखरखाव में लापरवाही बरती गई थी।
इस हादसे ने होटलों में लिफ्ट सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटन स्थलों पर होटल संचालकों को सुरक्षा मानकों को लेकर और अधिक गंभीर होने की जरूरत है।
Akhil Mahajan