बुजुर्ग को हनीट्रैप में फंसाने के मामले में 7 को जेल, महिला ने कपड़े उतरवाकर बनाई थी वीडियो
भिवानी कोर्ट ने हनीट्रैप मामले में महिला समेत 7 आरोपियों को दोषी करार दिया है। आरोपियों ने बुजुर्ग की आपत्तिजनक वीडियो बनाकर 25 लाख रुपए और जमीन की मांग की थी।
➤ भिवानी कोर्ट ने हनीट्रैप गैंग के 7 आरोपियों को ठहराया दोषी
➤ महिला ने बुजुर्ग के कपड़े उतरवाकर बनाई आपत्तिजनक वीडियो
➤ 25 लाख की रंगदारी, मारपीट और वीडियो वायरल करने की दी थी धमकी
हरियाणा के भिवानी में हनीट्रैप के जरिए एक बुजुर्ग को ब्लैकमेल करने के मामले में जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। भिवानी जिला कोर्ट ने एक महिला समेत 7 आरोपियों को दोषी करार देते हुए विभिन्न धाराओं के तहत सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
यह मामला वर्ष 2022 का है, जब करीब 61 वर्षीय बुजुर्ग को योजनाबद्ध तरीके से हनीट्रैप में फंसाया गया था। आरोपियों ने बुजुर्ग की आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उससे 25 लाख रुपए और जमीन अपने नाम करवाने की मांग की थी।
मामले की सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की अदालत ने आरोपियों को दोषी ठहराया। कोर्ट ने सजा के साथ आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।
शिकायतकर्ता ने थाना लोहारू में दर्ज शिकायत में बताया था कि उनका अपने रिश्तेदारों के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक महिला का फोन आया, जिसने उन्हें बार-बार लोहारू बुलाना शुरू किया।
महिला के कहने पर बुजुर्ग 19 जून 2022 को लोहारू पहुंचे, लेकिन महिला ने उन्हें अगले दिन आने को कहा। इसके बाद 20 जून को जब शिकायतकर्ता दोबारा पहुंचे तो महिला उन्हें एक मकान में ले गई।
पीड़ित के अनुसार वहां पहले से मौजूद दो व्यक्तियों ने जबरन उनके कपड़े उतरवा दिए। इसके बाद महिला ने भी अपने कपड़े उतार दिए और आरोपियों ने मोबाइल फोन से बुजुर्ग की आपत्तिजनक वीडियो बना ली।
आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने बुजुर्ग के साथ मारपीट की और उनकी सोने की अंगूठी भी छीन ली। इसी दौरान पीड़ित का रिश्तेदार सतेंद्र भी मौके पर पहुंच गया।
आरोपियों ने धमकी दी कि अगर जमीन उनके नाम नहीं की गई या 25 लाख रुपए नहीं दिए गए तो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जाएगी और जान से मार दिया जाएगा।
मामले की शिकायत मिलने के बाद थाना लोहारू पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान उप निरीक्षक रोहतास ने कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
कोर्ट ने आरोपी मीना उर्फ मीनू, सतेंद्र उर्फ बबलू, रामबीर, सुरेंद्र उर्फ नीटू, विजय उर्फ बिल्लू, अजय उर्फ नीटू और बिंटू उर्फ मिंटू को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया।
अदालत ने धारा 384 और 34 के तहत 3-3 साल की कैद और 5-5 हजार रुपए जुर्माना लगाया। वहीं धारा 120-बी के तहत भी 3 साल कैद और जुर्माना सुनाया गया।
इसके अलावा कुछ आरोपियों को धारा 379-बी के तहत 10 साल की कैद और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी गई। अदालत ने चेतावनी दी कि जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इस फैसले के बाद हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के मामलों को लेकर एक बार फिर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया और मोबाइल तकनीक के दौर में इस तरह के अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं।
Akhil Mahajan