जंतर-मंतर पर फिर बवाल: प्रदर्शनकारियों और पुलिस में झड़प, पत्थरबाजी; आंसू गैस और लाठीचार्ज
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प हुई। पुलिस के अनुसार पत्थरबाजी के बाद आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया। घटना की जांच जारी है।
➤ जंतर-मंतर के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प, कई लोग घायल
➤ पुलिस का दावा- सुरक्षाकर्मियों पर पत्थरबाजी, भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस छोड़ी
➤ घटना की जांच जारी, CJP की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के विरोध प्रदर्शन के बीच बुधवार रात एक बार फिर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प की खबर सामने आई है। पुलिस का दावा है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों पर पत्थरबाजी और डंडों से हमला किया, जिसके बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस घटना में दिल्ली पुलिस के एक ACP गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वहीं NSUI के कुछ कार्यकर्ताओं के घायल होने की भी सूचना है। हालांकि, घायलों की आधिकारिक संख्या अभी जारी नहीं की गई है।
Jantar Mantar
Unrest and Stone Pelting.
22.7.2026 pic.twitter.com/0X627wuZo4 — Shivank Mishra (@shivank_8mishra) July 22, 2026
पुलिस सूत्रों का दावा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, नई दिल्ली क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं प्रभावित होने के बावजूद जंतर-मंतर, जनपथ और टॉलस्टॉय मार्ग इलाके में मैसेजिंग गतिविधियां अधिक दर्ज की गईं। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या प्रदर्शनकारियों के बीच किसी तरह का समन्वय या निर्देश संदेशों के माध्यम से दिए जा रहे थे।
इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
टॉलस्टॉय मार्ग पर बिगड़े हालात
सूत्रों के मुताबिक टॉलस्टॉय मार्ग पर मौजूद भीड़ अचानक उग्र हो गई और पुलिस तथा RAF के जवानों पर पत्थर फेंके गए। इसके बाद हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की और 2 से 3 आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद भीड़ को तितर-बितर किया गया।
जांच जारी, CJP का इंतजार
पुलिस ने कहा है कि हिंसा कैसे शुरू हुई और इसके पीछे क्या कारण थे, इसकी जांच की जा रही है। खबर लिखे जाने तक CJP की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
Akhil Mahajan