560 करोड़ के सरकारी फंड मामले में IAS पंकज अग्रवाल की जमानत स्पेशल CBI कोर्ट ने की खारिज
560 करोड़ रुपए के कथित सरकारी फंड मामले में IAS पंकज अग्रवाल की नियमित जमानत याचिका स्पेशल CBI कोर्ट ने खारिज कर दी। बचाव पक्ष और CBI ने अदालत में अलग-अलग दलीलें पेश कीं।
➤ 560 करोड़ रुपए के कथित सरकारी फंड मामले में IAS पंकज अग्रवाल की नियमित जमानत याचिका खारिज
➤ बचाव पक्ष ने कहा- केवल बैंक बदलने की मंजूरी दी, न रिश्वत और न मनी ट्रेल
➤ CBI की दलीलों से सहमत हुई कोर्ट, जांच को देखते हुए राहत देने से किया इनकार
560 करोड़ रुपए से अधिक के कथित सरकारी फंड घोटाले की जांच में गिरफ्तार वरिष्ठ IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को फिलहाल अदालत से राहत नहीं मिली है। पंचकूला की स्पेशल CBI कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद उसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए CBI की दलीलों को प्राथमिकता दी और इस चरण पर जमानत देने से इनकार कर दिया।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि पंकज अग्रवाल का नाम इस मामले की मूल FIR में शामिल नहीं था। जांच के दौरान बाद में उन्हें इस मामले से जोड़ा गया। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि उन्होंने किसी से रिश्वत नहीं मांगी और न ही किसी प्रकार की रिश्वत स्वीकार की।
वकीलों ने अदालत के सामने यह भी तर्क रखा कि जांच एजेंसी अब तक पंकज अग्रवाल के खिलाफ किसी प्रकार की मनी ट्रेल, अवैध लेनदेन या आय से अधिक संपत्ति का कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी है। उनका कहना था कि उन्होंने केवल बैंक बदलने की प्रशासनिक मंजूरी दी थी और इसमें उनकी कोई आपराधिक भूमिका नहीं थी।
वहीं, CBI ने अदालत में दावा किया कि मामले की जांच में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। एजेंसी के अनुसार सरकारी धन को एक बैंक से दूसरे बैंक में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई, जिसकी जांच अभी जारी है। इसी आधार पर CBI ने जमानत का विरोध किया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद स्पेशल CBI कोर्ट ने माना कि मामले की प्रकृति गंभीर है और जांच के इस चरण में आरोपी को नियमित जमानत देना उचित नहीं होगा। इसके बाद अदालत ने IAS पंकज अग्रवाल की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी।
Akhil Mahajan