हरियाणा में कड़ाके की ठंड, सोनीपत सबसे ठंडा
हरियाणा में कड़ाके की ठंड से जनजीवन प्रभावित। सोनीपत में न्यूनतम तापमान 1.4 डिग्री रहा, घने कोहरे से हाईवे पर यातायात बाधित हुआ।
- हरियाणा में कड़ाके की सर्दी, सोनीपत रहा सबसे ठंडा जिला
- न्यूनतम तापमान 1.4 डिग्री, पांच साल का रिकॉर्ड टूटा
- घने कोहरे से हाईवे पर थमी रफ्तार, वाहन रेंगते नजर आए
उत्तर भारत के साथ-साथ हरियाणा में कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है। मंगलवार को सोनीपत प्रदेश का सबसे ठंडा जिला दर्ज किया गया। यहां न्यूनतम तापमान 1.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो पिछले पांच वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ने वाला रहा। बर्फीली हवाओं के चलते दिनभर लोग ठिठुरते नजर आए।
मौसम विभाग के अनुसार जिले के सरगथल क्षेत्र में सबसे कम तापमान दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 17.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। सुबह की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई। तड़के करीब चार बजे दृश्यता शून्य के करीब पहुंच गई और चारों ओर कोहरे की सफेद चादर छा गई।
राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर यातायात की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। वाहन चालक हेडलाइट और इंडिकेटर जलाकर रेंगते हुए आगे बढ़ने को मजबूर रहे। कई जगह लंबे जाम जैसे हालात बने और यात्रियों को सामान्य से दोगुना समय लग गया।
सुबह सात बजे दृश्यता मात्र 20 मीटर रही, जो आठ बजे बढ़कर 50 मीटर तक पहुंची। साढ़े नौ बजे धूप निकली, लेकिन शीतलहर के आगे धूप बेअसर रही। करीब आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली ठंडी हवा ने ठिठुरन को और बढ़ा दिया।
शहर के बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर सुबह सन्नाटा पसरा रहा। जरूरी काम से बाहर निकले लोग ऊनी कपड़ों में पूरी तरह लिपटे दिखे। जगह-जगह अलाव जलाकर लोग सर्दी से बचाव करते नजर आए। ठंड का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर देखा जा रहा है। इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक 139 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है।
कृषि उपनिदेशक डॉ. पवन शर्मा के अनुसार यह मौसम गेहूं की फसल के लिए अनुकूल है, लेकिन सब्जियों की फसलों पर पाले का खतरा बढ़ गया है। किसानों को हल्की सिंचाई करने की सलाह दी गई है। वहीं ग्रामीण इलाकों में पशुपालकों के लिए पशुओं की देखभाल चुनौती बनी हुई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. जेएस पूनिया के अनुसार अचानक तापमान गिरने से हृदय और सांस रोगियों की समस्याएं बढ़ सकती हैं। अस्पतालों में ठंड से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिन तक घना कोहरा और शीतलहर जारी रहने की संभावना जताई है।
Akhil Mahajan