एग्जाम में पुलिस ही करा रही थी नकल, हरियाणा में 2 सेंटरों पर दोबारा होगी बोर्ड परीक्षा: आरोपी स्टाफ, पुलिसकर्मी और बच्चों पर भी FIR
हरियाणा के पानीपत में बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल कांड सामने आया है। दो परीक्षा केंद्रों की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं और पुलिस व स्टाफ के साथ छात्रों पर भी कार्रवाई होगी।
■ पानीपत के 2 सेंटरों की परीक्षाएं रद्द
■ नकल कराने में पुलिस और स्टाफ की भूमिका उजागर
■ स्टूडेंट्स पर भी दर्ज होंगे केस, DC का सख्त रुख
हरियाणा के पानीपत में बोर्ड परीक्षाओं के दौरान सामने आए नकल कांड ने शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। वायरल वीडियो के आधार पर जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए इसराना और डाहर के दो परीक्षा केंद्रों की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। DC डॉक्टर विरेंद्र दहिया ने स्पष्ट किया है कि नकल कराने में शामिल पाए गए पुलिसकर्मियों और टीचिंग स्टाफ के खिलाफ विभागीय जांच के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, वहीं नकल करने वाले छात्रों पर भी एफआईआर दर्ज की जाएगी।
यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए, जिनमें परीक्षा केंद्र के अंदर पुलिसकर्मी, सेंटर सुपरिटेंडेंट और शिक्षक खुद छात्रों को नकल कराते नजर आए। वीडियो में साफ दिख रहा है कि परीक्षा के दौरान छात्रों को नकल सामग्री पहुंचाई जा रही थी और उन्हें खुलेआम नकल करने में मदद दी जा रही थी। इस घटना ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया।
जांच में सामने आया कि इस नकल कांड को छिपाने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया गया था। सीसीटीवी कैमरों को जानबूझकर बंद किया जाता था, ताकि किसी तरह का सबूत न मिले। जैसे ही फ्लाइंग या चेकिंग टीम सेंटर पर पहुंचती, कैमरे चालू कर दिए जाते और सब कुछ सामान्य दिखाया जाता। लेकिन टीम के जाते ही फिर से कैमरे बंद कर दिए जाते थे।
रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि 2 फरवरी और 12 मार्च को हुई परीक्षाओं के दौरान बड़े स्तर पर नकल कराई गई थी। जांच में यह भी आशंका जताई गई है कि इस पूरे मामले में केवल पुलिस और शिक्षक ही नहीं, बल्कि लोकल चेकिंग टीम के कुछ सदस्य भी शामिल हो सकते हैं।
डीसी विरेंद्र दहिया ने कहा कि पहले प्रशासन छात्रों पर सीधे कार्रवाई के पक्ष में नहीं था, लेकिन अब जो भी कानून के खिलाफ पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कर्मचारी हो या छात्र।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन दोनों पर दबाव बढ़ गया है। अब दोबारा परीक्षा आयोजित कराई जाएगी, ताकि ईमानदार छात्रों के भविष्य के साथ कोई अन्याय न हो सके।
Akhil Mahajan