यूक्रेन युद्ध में धकेले गए फतेहाबाद के युवक की मौत:दिल्ली पहुंचा शव; 8 महीने पहले जबरन रूसी सेना में किया था भर्ती

फतेहाबाद के युवक अंकित जांगड़ा की यूक्रेन युद्ध में मौत, स्टडी वीजा पर रूस गया था, जबरन सेना में भर्ती का आरोप, शव दिल्ली पहुंचा, दूसरा युवक लापता।

यूक्रेन युद्ध में धकेले गए फतेहाबाद के युवक की मौत:दिल्ली पहुंचा शव; 8 महीने पहले जबरन रूसी सेना में किया था भर्ती

फतेहाबाद के युवक की यूक्रेन युद्ध में मौत, दिल्ली पहुंचा शव
स्टडी वीजा पर रूस गए थे, जबरन सेना में भर्ती का आरोप
दूसरा युवक अब भी लापता, परिवारों की चिंता बढ़ी


हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गांव कुम्हारिया से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां यूक्रेन युद्ध में जबरन धकेले गए युवक अंकित जांगड़ा की मौत हो गई। करीब 8 महीने पहले कथित तौर पर रूस की सेना में जबरन भर्ती किए गए अंकित का शव अब भारत लाया गया है और दिल्ली पहुंच चुका है। परिजन सुबह ही दिल्ली पहुंच गए, जहां से शनिवार दोपहर बाद शव को गांव लाया जाएगा और अंतिम संस्कार किया जाएगा।

मृतक के बड़े भाई रघुवीर जांगड़ा ने बताया कि शुक्रवार को ही परिवार को सूचना मिली थी कि अंकित का शव भारत भेजा जा रहा है। इसके बाद पूरा परिवार तुरंत दिल्ली के लिए रवाना हुआ। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। इस घटना ने न केवल गांव बल्कि पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है। वहीं, अंकित के साथ रूस गए दूसरे युवक विजय पूनिया का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई है।गांव कुम्हारिया का युवक अंकित जांगड़ा, जिसकी यूक्रेन युद्ध में मौत हो गई। - Dainik Bhaskar

परिजनों के अनुसार, अंकित (23) और विजय (25) स्टडी वीजा पर रूस गए थे। अंकित 14 फरवरी 2025 को रूस पहुंचा था और उसने मॉस्को के एमएसएलयू कॉलेज में लैंग्वेज कोर्स में दाखिला लिया था। पढ़ाई के साथ-साथ वह खर्च निकालने के लिए एक रेस्टोरेंट में काम भी करने लगा था। इसी दौरान करीब 8 महीने पहले एक महिला ने नौकरी का झांसा देकर अंकित, विजय और अन्य युवकों को रूसी सेना में भर्ती होने के लिए फंसा लिया

रघुवीर के मुताबिक, अंकित ने आखिरी बार फोन कर कहा था, “हमें बचा लो, हमारे पास सिर्फ एक-दो दिन हैं, इसके बाद हमें युद्ध में भेज दिया जाएगा।” इसके बाद 11 सितंबर 2025 से दोनों युवकों का परिवार से संपर्क टूट गया। जब परिजनों ने उस महिला से संपर्क किया, जिसने नौकरी का लालच दिया था, तो उसने चौंकाने वाला जवाब दिया कि दोनों युवक मर चुके हैं और फिर उसने अपना नंबर ब्लॉक कर लिया।गांव कुम्हारिया निवासी अंकित जांगड़ा का परिवार।

परिवार ने अपने बेटों की वापसी के लिए हरसंभव प्रयास किए। वे दिल्ली और चंडीगढ़ में रूसी एंबेसी, विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के चक्कर लगाते रहे। इस मामले को लेकर सिरसा सांसद कुमारी सैलजा और रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी विदेश मंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की थी। बावजूद इसके, अंकित को बचाया नहीं जा सका।

यह मामला विदेश में फंसे भारतीय युवाओं की सुरक्षा और एजेंटों के नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जहां एक ओर एक परिवार अपने बेटे को खो चुका है, वहीं दूसरा परिवार अभी भी अपने बेटे के लौटने की उम्मीद में है। प्रशासन और सरकार से अब इस पूरे मामले की गहन जांच और कार्रवाई की मांग उठ रही है।