होलिका दहन पर पूर्ण चंद्र ग्रहण, इन 3 राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण समय
3 मार्च 2026 को होलिका दहन के दिन पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा। दोपहर 3:20 से शाम 6:47 तक रहने वाले इस ग्रहण का वृषभ, कन्या और कुंभ राशि पर विशेष प्रभाव पड़ सकता है।
■ 3 मार्च 2026 को होलिका दहन पर पूर्ण चंद्र ग्रहण
■ दोपहर 3:20 से शाम 6:47 तक रहेगा प्रभाव
■ वृषभ, कन्या और कुंभ राशि के लिए सावधानी का समय
Chandra Grahan 2026 Impact On Zodiac: होलिका दहन के दिन 3 मार्च 2026 को एक विशेष खगोलीय घटना घटित होने जा रही है। दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शाम 6 बजकर 47 मिनट तक पूर्ण चंद्र ग्रहण रहेगा। यह ग्रहण एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका और पैसिफिक द्वीपों में दिखाई देगा। भारत में भी इसका प्रभाव मान्य रहेगा, जिस कारण सूतक काल लागू माना जाएगा। ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, भावनाओं, माता, मानसिक संतुलन और पारिवारिक जीवन का कारक ग्रह माना गया है, ऐसे में यह ग्रहण कई राशियों के लिए जीवन में उतार-चढ़ाव ला सकता है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सभी 12 राशियों पर इसका अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा, लेकिन खासतौर पर वृषभ, कन्या और कुंभ राशि के जातकों को इस दौरान संयम, धैर्य और सावधानी बरतने की जरूरत होगी। ग्रहण काल में मानसिक अस्थिरता, निर्णय में भ्रम और कार्यों में देरी जैसी स्थितियां बन सकती हैं। इसलिए इस अवधि में कोई भी बड़ा निर्णय सोच-समझकर लेना ही हितकारी रहेगा।
वृषभ राशि:
वृषभ राशि वालों के लिए यह समय धैर्य की परीक्षा लेने वाला हो सकता है। कार्यक्षेत्र में योजनाएं अटक सकती हैं या अपेक्षित परिणाम देर से मिल सकते हैं। निर्णय क्षमता प्रभावित हो सकती है, इसलिए जल्दबाजी से बचें। धार्मिक यात्रा या नए बड़े कार्य की शुरुआत टालना बेहतर रहेगा। पारिवारिक मामलों में शांति और संतुलन बनाए रखना आवश्यक होगा।
कन्या राशि:
कन्या राशि के जातकों को कार्यस्थल पर विशेष सतर्कता बरतनी होगी। वरिष्ठ अधिकारियों से संवाद में विनम्रता रखें, क्योंकि छोटी गलतफहमी भी विवाद का रूप ले सकती है। छात्रों का मन पढ़ाई से भटक सकता है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही भारी पड़ सकती है, इसलिए नियमित दिनचर्या अपनाना जरूरी होगा। वाणी पर संयम इस समय सबसे बड़ा कवच साबित हो सकता है।
कुंभ राशि:
कुंभ राशि वालों की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। कामकाज के सिलसिले में अधिक भागदौड़ करनी पड़ सकती है। आर्थिक मामलों में जोखिम लेने से बचें और निवेश सोच-समझकर करें। पारिवारिक जीवन में संवाद की कमी गलतफहमियां बढ़ा सकती है। स्वास्थ्य पर ध्यान देना अनिवार्य रहेगा।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहण का असर व्यक्ति की व्यक्तिगत कुंडली, ग्रह दशा और गोचर पर भी निर्भर करता है। ऐसे में घबराने के बजाय संतुलित सोच, सकारात्मक दृष्टिकोण और आत्मसंयम के साथ इस समय को पार करना ही समझदारी होगी।
Akhil Mahajan