हरियाणा भाजपा में बड़ा सियासी भूचाल: 11 मंडलाध्यक्षों के सामूहिक इस्तीफे, जिलाध्यक्ष की कार्यशैली पर उठे सवाल
हिसार भाजपा में बड़ा संगठनात्मक विवाद सामने आया है। 11 मंडलाध्यक्षों ने जिलाध्यक्ष डॉ. आशा खेदड़ की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए सामूहिक इस्तीफा प्रदेश नेतृत्व को भेज दिया।
➤ हिसार भाजपा के 13 में से 11 मंडलाध्यक्षों ने सामूहिक इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष को भेजा
➤ जिलाध्यक्ष डॉ. आशा खेदड़ पर अनदेखी, एकतरफा फैसलों और संवादहीनता के आरोप
➤ तीन नए मंडलाध्यक्षों की नियुक्ति के बाद बढ़ा विवाद, प्रदेश नेतृत्व ने पदाधिकारियों को बातचीत के लिए बुलाया
हरियाणा के हिसार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर बड़ा संगठनात्मक विवाद सामने आया है। जिले के 13 में से 11 मंडलाध्यक्षों ने सामूहिक रूप से अपने इस्तीफे प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता को भेज दिए हैं। इस्तीफे में जिलाध्यक्ष डॉ. आशा खेदड़ की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए लगातार अनदेखी, संवादहीनता और एकतरफा निर्णय लेने के आरोप लगाए गए हैं। इस्तीफों की प्रतियां प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पूनिया और कृष्ण बेदी को भी भेजी गई हैं। इस घटनाक्रम ने हिसार भाजपा की संगठनात्मक राजनीति में हलचल मचा दी है।
11 मंडलाध्यक्षों ने एक साथ छोड़ा पद
सामूहिक इस्तीफा देने वालों में उकलाना मंडल से विनोद, बनभौरी मंडल से मनबीर सरपंच, अग्रोहा मंडल से मोहन लाल नंगथला, पाबड़ा मंडल की मीना शर्मा, आदमपुर से चंद्रप्रकाश, बालसमंद मंडल से रमेश बेनीवाल, काजला मंडल से राजेंद्र सोनी, आर्यनगर मंडल से भूप सिंह खीचड़, आजाद नगर से सुमन कसवां और स्याहड़वा मंडल से बलजीत फोगाट सहित कुल 11 मंडलाध्यक्ष शामिल हैं। सभी ने संयुक्त हस्ताक्षर कर पद छोड़ने की इच्छा जताई है।
तीन नई नियुक्तियों के बाद बढ़ा विवाद
पार्टी सूत्रों के अनुसार, 2 अगस्त को भाजपा जिला महामंत्री कृष्ण सरसाना की ओर से जारी पत्र में उकलाना, अग्रोहा और स्याहड़वा मंडलों के लिए नए मंडलाध्यक्ष नियुक्त किए गए। आरोप है कि इन तीनों मंडलों के मौजूदा अध्यक्षों का कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ था। इसी फैसले के बाद संगठन के भीतर असंतोष बढ़ गया और अन्य मंडलाध्यक्ष भी नाराज हो गए।
इस्तीफे में लगाए गंभीर आरोप
मंडलाध्यक्षों ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि जिले में लंबे समय से संगठनात्मक संवाद समाप्त हो चुका है और उसकी जगह एकतरफा फैसलों तथा तानाशाहीपूर्ण कार्यप्रणाली ने ले ली है। उनका आरोप है कि समर्पित कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा की जा रही है, जिससे कार्यकर्ताओं में भ्रम, असंतोष और निराशा का माहौल बना है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावों के दौरान लिए गए कई फैसले पार्टी हितों के विपरीत रहे।
शिकायत के बाद तीन अध्यक्षों को हटाने का आरोप
इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों का कहना है कि उन्होंने इस पूरे मामले की जानकारी प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पूनिया, संगठन मंत्री फणींद्रनाथ शर्मा और मंत्री कृष्ण बेदी को दी थी। उनका आरोप है कि शिकायतों का समाधान करने के बजाय बिना कारण बताए और बिना किसी नोटिस के तीन मंडलाध्यक्षों को पद से हटा दिया गया। इससे कार्यकर्ताओं के आत्मसम्मान को ठेस पहुंची और संगठन में गलत संदेश गया।
भाजपा नेताओं का क्या कहना है
इस मामले पर जब भाजपा जिला महामंत्री कृष्ण सरसाना से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें सामूहिक इस्तीफों की जानकारी नहीं है। वहीं, इस्तीफा देने वाले मंडलाध्यक्षों को प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने अगले दिन बातचीत के लिए बुलाया है। माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद को सुलझाने का प्रयास करेगा।
पहले भी विवादों में रह चुकी हैं आशा खेदड़
डॉ. आशा खेदड़ पहले भी विवादों में रह चुकी हैं। 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन भाजपा उम्मीदवार रणजीत चौटाला के साथ उनके मतभेद सामने आए थे। चुनाव के बाद रणजीत चौटाला ने पार्टी नेतृत्व को सौंपी रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि जिलाध्यक्ष ने चुनाव के दौरान सभी मंडलों में सक्रिय भूमिका नहीं निभाई। इसके बाद उनका कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उन्हें पद से हटा दिया गया था।
Akhil Mahajan