नेपाल की बाढ़ में डॉक्टर प्रियंका लापता,भिवानी की बेटी, 60-70 डॉक्टरों की टीम के साथ गई थीं

नेपाल की बाढ़ में भिवानी निवासी डॉक्टर प्रियंका चौधरी लापता हैं। वह 60-70 डॉक्टरों की टीम के साथ 13 अगस्त को नेपाल घूमने गई थीं।

नेपाल की बाढ़ में डॉक्टर प्रियंका लापता,भिवानी की बेटी, 60-70 डॉक्टरों की टीम के साथ गई थीं

नेपाल की बाढ़ में भिवानी की डॉक्टर प्रियंका चौधरी लापता

➤ 60-70 डॉक्टरों की टीम के साथ 13 अगस्त को नेपाल घूमने गई थीं

➤ लापता होने से डेढ़ घंटे पहले परिवार से हुई थी वीडियो कॉल

भिवानी। नेपाल में आई बाढ़ के बाद भिवानी के गांव बड़सी निवासी डॉक्टर प्रियंका चौधरी लापता हो गई हैं। प्रियंका के पिता रमेश ओला भिवानी जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन रहे हैं और फिलहाल छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रहते हैं। प्रियंका अपने करीब 60-70 साथी डॉक्टरों की टीम के साथ 13 अगस्त को नेपाल घूमने के लिए गई थीं। बाढ़ आने के बाद से परिवार का उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ आ रहा है, जिससे परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

परिवार के मुताबिक, डॉ. प्रियंका के लापता होने से करीब एक से डेढ़ घंटे पहले उनसे वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। उस समय प्रियंका ने परिवार को बताया था कि वह नेपाल में कई स्थानों पर घूम चुकी हैं और अब दूसरे स्थानों पर घूमने के लिए जाएंगी। इसके कुछ समय बाद नेपाल में बाढ़ आने की सूचना मिली और फिर प्रियंका से संपर्क टूट गया। इसके बाद से परिवार उनकी सलामती को लेकर बेहद चिंतित है।

डॉ. प्रियंका चौधरी के चचेरे भाई गांव बड़सी निवासी विनोद ओला ने बताया कि उनके ताऊ रमेश ओला फिलहाल छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रहते हैं। रमेश ओला के दो बच्चे हैं, जिनमें एक छोटा बेटा और बड़ी बेटी प्रियंका चौधरी हैं। प्रियंका पिछले कुछ सालों से अपने परिवार के साथ फिनलैंड में रह रही थीं, जहां वह डॉक्टर हैं और शादीशुदा हैं।

13 अगस्त को डॉक्टरों की टीम के साथ नेपाल गई थीं प्रियंका

विनोद ओला के अनुसार, डॉ. प्रियंका चौधरी 60 से 70 डॉक्टरों की टीम के साथ नेपाल घूमने के लिए गई थीं। यात्रा के दौरान वह परिवार के संपर्क में भी थीं। बाढ़ आने से पहले परिवार के साथ उनकी वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। उस दौरान उन्होंने अपने घूमने के बारे में परिवार को जानकारी दी थी।

परिवार को उस समय इस बात का अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर बाद प्रियंका से संपर्क टूट जाएगा। बाढ़ के बाद से लगातार उनका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा है। परिवार की ओर से प्रियंका से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अभी तक उनसे कोई बातचीत नहीं हो पाई है।

रक्षाबंधन पर घर आने वाली थीं प्रियंका

विनोद ओला ने बताया कि डॉ. प्रियंका चौधरी रक्षाबंधन पर घर आने वाली थीं। उनकी 26 अगस्त की टिकट भी थी। उन्हें रक्षाबंधन के मौके पर अपने घर बिलासपुर, छत्तीसगढ़ पहुंचना था। परिवार उनके वापस आने की तैयारी में था, लेकिन नेपाल में बाढ़ के बाद उनके लापता होने की खबर ने सभी को परेशान कर दिया है।

परिवार के लिए सबसे चिंता की बात यह है कि बाढ़ आने के बाद से प्रियंका से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। मोबाइल स्विच ऑफ होने के कारण उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में भी जानकारी नहीं मिल पा रही है।

फिनलैंड में डॉक्टर हैं प्रियंका चौधरी

डॉ. प्रियंका चौधरी पिछले कुछ वर्षों से फिनलैंड में अपने परिवार के साथ रह रही थीं। वहीं वह डॉक्टर के तौर पर कार्यरत हैं और वहीं उनकी शादी भी हुई है। छुट्टियों के दौरान वह अपने साथी डॉक्टरों की टीम के साथ नेपाल घूमने पहुंची थीं।

परिजनों के अनुसार, प्रियंका के नेपाल में लापता होने के बाद घरवालों में बेचैनी का माहौल है। उन्हें चिंता सता रही है कि कहीं बाढ़ के बीच उनके साथ कोई अनहोनी न हो गई हो। परिवार लगातार उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए है।

परिवार को वीडियो कॉल के बाद से नहीं मिली कोई खबर

प्रियंका के चचेरे भाई विनोद ओला ने बताया कि परिवार से वीडियो कॉल पर बातचीत के दौरान वह सामान्य थीं। उन्होंने परिवार को बताया था कि वह कई स्थानों पर घूम चुकी हैं और अब दूसरे स्थानों पर जाएंगी। वीडियो कॉल के करीब एक-डेढ़ घंटे बाद उनका संपर्क टूट गया।

नेपाल में बाढ़ के बाद से परिवार को प्रियंका के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। मोबाइल स्विच ऑफ होने के कारण परिजन और अधिक चिंतित हैं। परिवार को उम्मीद है कि प्रियंका सुरक्षित होंगी और जल्द ही उनसे संपर्क हो सकेगा।

फिलहाल भिवानी के गांव बड़सी से लेकर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर तक परिवार के लोग डॉ. प्रियंका चौधरी की सलामती को लेकर चिंतित हैं। नेपाल में घूमने गई डॉक्टरों की टीम के साथ गई प्रियंका से बाढ़ के बाद संपर्क टूटना परिवार के लिए बड़ी चिंता का कारण बना हुआ है।