अन्ना हजारे का बड़ा ऐलान, छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में करेंगे मौन आंदोलन
दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने लोकतंत्र में संवाद की आवश्यकता पर जोर देते हुए गुरुवार को दो घंटे के मौन आंदोलन का ऐलान किया।
➤ छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में अन्ना हजारे का दो घंटे का मौन आंदोलन
➤ PM मोदी को पत्र लिखकर कहा- लोकतंत्र में दमन नहीं, संवाद का रास्ता अपनाइए
➤ पेपर लीक, बेरोजगारी और भर्ती में देरी को बताया गंभीर राष्ट्रीय मुद्दा
दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर छात्रों के साथ हुई कार्रवाई पर चिंता जताई और कहा कि लोकतंत्र में दमन नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान होना चाहिए।
अन्ना हजारे ने घोषणा की है कि वह गुरुवार सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक महाराष्ट्र के अहिल्यानगर स्थित वाडिया पार्क के गांधी स्मारक में मौन आंदोलन करेंगे। आंदोलन स्थल को प्रतीकात्मक रूप से 'नगर का जंतर-मंतर' नाम दिया जाएगा।
सरकार को छात्रों से संवाद की सलाह
अन्ना हजारे ने कहा कि पेपर लीक, बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी जैसे मुद्दे लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े हैं। ऐसे मामलों में सरकार को छात्रों के साथ सकारात्मक संवाद करना चाहिए, न कि बल प्रयोग का रास्ता अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि जनभावनाओं से जुड़ा मुद्दा है। इसलिए सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए।
गांधी के रास्ते पर चलने की अपील
अन्ना हजारे ने कहा कि देश को महात्मा गांधी के सत्याग्रह और अहिंसा के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने और असहमति का सम्मान करने की अपील की।
CJP ने भी रखीं अपनी शर्तें
उधर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि वे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से तभी मुलाकात करेंगे, जब सरकार उनकी मांगों को स्वीकार करने की स्पष्ट मंशा दिखाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहली बैठक में उन्हें कई घंटे तक इंतजार कराया गया था। इसलिए अब केवल औपचारिक बातचीत के बजाय ठोस आश्वासन मिलने पर ही वे बैठक में शामिल होंगे।
Akhil Mahajan