हरियाणा की बेटी डॉक्टर तन्वी के डेथ केस में बड़ा खुलासा, सामने आई ऑडियो; HOD प्रियंका गुप्‍ता पर FIR

अंबाला की डॉक्टर तन्वी सुसाइड केस में नई ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई, HOD पर FIR दर्ज, मानसिक दबाव के आरोप।

हरियाणा की बेटी डॉक्टर तन्वी के डेथ केस में बड़ा खुलासा, सामने आई ऑडियो; HOD प्रियंका गुप्‍ता पर FIR

■ सुसाइड से पहले रिकॉर्ड की गई HOD से बातचीत सामने आई
■ 4 महीने से मानसिक तनाव में थी डॉक्टर तन्वी
■ परिजनों की शिकायत पर HOD डॉ. प्रियंका गुप्ता पर केस दर्ज


हरियाणा के अंबाला की 25 वर्षीय डॉक्टर तन्वी के देहरादून में हुए संदिग्ध आत्महत्या मामले में अब एक बड़ा और संवेदनशील खुलासा सामने आया है। डॉक्टर तन्वी द्वारा मौत से पहले रिकॉर्ड की गई करीब आधे घंटे की ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। इस रिकॉर्डिंग में वह अपनी हेड ऑफ डिपार्टमेंट (HOD) डॉ. प्रियंका गुप्ता से बातचीत करती सुनाई दे रही हैं, जिसमें मानसिक दबाव और लगातार तनाव की झलक साफ दिखाई देती है।

परिजनों के अनुसार, तन्वी पिछले करीब चार महीनों से मानसिक रूप से परेशान चल रही थीं। मरने से पहले उन्होंने अपने पिता ललित मोहन को फोन कर कहा था— “मैं बहुत परेशान हो गई हूं, अब रिकॉर्डिंग दिखानी ही पड़ेगी।” इतना ही नहीं, उन्होंने यह ऑडियो अपने पिता को भी भेजी थी, जिसे अब परिवार ने मीडिया के साथ साझा किया है।

तन्वी के पिता ने बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई में शुरू से ही बेहद मेधावी रही थी। MBBS से लेकर आगे की पढ़ाई तक वह टॉपर रही, और इसी साल जुलाई में उसके मास्टर ऑफ सर्जरी (MS) के फाइनल एग्जाम होने वाले थे। महज 25 साल की उम्र में वह डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने के बेहद करीब थी, लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक घटना हो गई।

ऑडियो रिकॉर्डिंग में तन्वी अपनी HOD से कहती सुनाई देती हैं कि वह किसी भी तरह की राजनीति या विवाद में शामिल नहीं होना चाहतीं और केवल पढ़ाई पर ध्यान देना चाहती हैं। वह बार-बार यह सवाल करती हैं कि आखिर उनसे गलती क्या हुई है और वह किस-किस को खुश करें। बातचीत में यह भी सामने आया कि उन्हें विभाग में टारगेट किए जाने का अहसास हो रहा था, जबकि HOD की ओर से कहा गया कि “सब लोग तुमसे नाखुश हैं।”

इस मामले में देहरादून पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज (SGRR) की नेत्र विभाग की प्रमुख डॉ. प्रियंका गुप्ता के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और ऑडियो रिकॉर्डिंग को भी जांच का अहम हिस्सा बनाया गया है।

उधर, अंबाला सिटी के रामबाग में डॉक्टर तन्वी का अंतिम संस्कार किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। पिता ने बेटी की चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान हर किसी की आंखें नम थीं और माहौल गमगीन बना रहा।

यह मामला अब केवल एक आत्महत्या का नहीं, बल्कि मेडिकल संस्थानों में मानसिक दबाव, उत्पीड़न और सिस्टम की खामियों पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। एक होनहार डॉक्टर, जो अपने करियर के सबसे अहम मोड़ पर थी, उसका इस तरह जाना समाज और सिस्टम दोनों के लिए चिंताजनक संकेत है।