मीनाक्षी थापा हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा ■ आरोपी दोस्तों ने किया गला घोंटकर हत्या

बॉलीवुड एक्ट्रेस मीनाक्षी थापा की हत्या में उनके करीबी दोस्त प्रीति सुरीन और अमित जयसवाल दोषी पाए गए। धड़ सैप्टिक टैंक में और सिर जंगल में फेंकने के बाद भी परिवार को फिरौती के झूठे मैसेज भेजे गए। मुंबई कोर्ट ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

मीनाक्षी थापा हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा ■ आरोपी दोस्तों ने किया गला घोंटकर हत्या

■ मीनाक्षी थापा की हत्या का सनसनीखेज खुलासा
■ आरोपी दोस्तों ने किया गला घोंटकर हत्या, सिर अलग कर जंगल में फेंका
■ मुंबई सेशन कोर्ट ने प्रीति सुरीन और अमित जयसवाल को उम्रकैद की सजा सुनाई



बॉलीवुड एक्ट्रेस मीनाक्षी थापा की हत्या का मामला भारत के क्राइम इतिहास में सबसे भयावह और सनसनीखेज मामलों में से एक है। 14 मार्च 2012 को अचानक लापता हुई मीनाक्षी की तलाश के दौरान परिवार को 15 लाख की फिरौती की मांग की गई। पुलिस ने कॉल ट्रेसिंग के बाद मीनाक्षी के करीबी दोस्तों प्रीति सुरीन और अमित जयसवाल तक पहुंची। पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि उन्होंने मीनाक्षी की हत्या की और उसके धड़ को सैप्टिक टैंक में छिपाया, जबकि सिर को बैग में रखकर जंगल में फेंक दिया।

पुलिस ने 18 अप्रैल 2012 को प्रीति के बंगले में सैप्टिक टैंक की तलाशी ली, जहां से धड़ बरामद हुआ। मीनाक्षी की पहचान उनके रूममेट और परिवार ने की। आरोपी पहले मीनाक्षी की हत्या के बाद परिवार को यह दिखाने के लिए कि वह जिंदा है, उसी नंबर से फिरौती के मैसेज भेजते रहे।

हत्या का पीछे का मकसद पैसे का लालच था। अमित और प्रीति ने मीनाक्षी के रॉयल परिवार से होने का झूठा दावा सुना और उसकी संपत्ति से पैसे ऐंठने की योजना बनाई। 13 मार्च को मीनाक्षी को बहला-फुसलाकर इलाहाबाद ले गए और रात को उसे मारकर धड़ और सिर अलग कर दिए। इसके बाद उन्होंने सारा सामान ठिकाने लगाया और मोबाइल व एटीएम पर नियंत्रण किया।

मीनाक्षी उस समय केवल 26 वर्ष की थीं और बॉलीवुड में फिल्म ‘404’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकी थीं। उनकी दोस्त कामना सिंह ने बताया कि मीनाक्षी ने इंडस्ट्री में सफलता की उम्मीदों के साथ मुंबई में काम किया और भरोसेमंद लोगों के साथ अपनी जिंदगी साझा की।

इस केस में लंबी जांच के बाद, मुंबई सेशन कोर्ट के एडिशनल सेशन जज एस. जी. शेट्टे ने 9 मई 2018 को प्रीति सुरीन और अमित जयसवाल को आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 364-ए (फिरौती के लिए अपहरण) के तहत दोषी पाया और उम्रकैद की सजा सुनाई। यह मामला बॉलीवुड क्राइम फाइल्स में सबसे गंभीर और यादगार केसों में गिना जाता है।