पानीपत से गुजरेगी रैपिड ट्रेन, कैबिनेट से मिली मंजूरी, दिल्ली-करनाल 90 मिनट में, हरियाणा को मिली बड़ी सौगात
पानीपत से गुजरने वाली रैपिड ट्रेन को मंजूरी, दिल्ली-करनाल सफर 90 मिनट में। 33 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट से विकास को मिलेगी नई रफ्तार।
■ पानीपत से गुजरेगी रैपिड ट्रेन, सरकार ने दी बड़ी मंजूरी
■ दिल्ली-करनाल सफर अब 90 मिनट में, 33 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट
■ विधायक प्रमोद विज बोले- पानीपत के विकास का गेम-चेंजर साबित होगा
पानीपत/चंडीगढ़: हरियाणा में परिवहन और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक बड़ा फैसला सामने आया है, जिसने प्रदेश के विकास को नई रफ्तार देने की दिशा तय कर दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बहुप्रतीक्षित दिल्ली-पानीपत-करनाल रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के बाद पानीपत समेत पूरे उत्तर हरियाणा में विकास की नई उम्मीदें जाग गई हैं।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत अब रैपिड ट्रेन केवल पानीपत तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे आगे बढ़ाकर करनाल तक विस्तार दिया जाएगा। कुल 136.3 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर अत्याधुनिक नमो भारत ट्रेनें 160 से 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी। इससे दिल्ली से करनाल का सफर महज 90 मिनट में पूरा हो सकेगा, जो वर्तमान समय की तुलना में बेहद कम है।
इस मेगा प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 33,051 करोड़ रुपए आंकी गई है, जिसमें हरियाणा सरकार का योगदान लगभग 7,472 करोड़ रुपए रहेगा। शेष राशि केंद्र सरकार और अन्य माध्यमों से जुटाई जाएगी। इतना बड़ा निवेश प्रदेश में न केवल आधारभूत ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि रोजगार, व्यापार और रियल एस्टेट सेक्टर में भी बड़ा उछाल लाने की संभावना है।
पानीपत के लिए यह परियोजना खास मायने रखती है। विधायक प्रमोद विज ने इसे शहर के लिए ‘गेम-चेंजर’ बताते हुए कहा कि पानीपत पहले से ही एक वैश्विक टेक्सटाइल हब है और रैपिड रेल शुरू होने से यहां के उद्यमियों, निर्यातकों और कामगारों को दिल्ली के साथ तेज और सुगम कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे शहर की औद्योगिक पहचान और मजबूत होगी और पानीपत को एनसीआर के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।
परियोजना के तहत हरियाणा के हिस्से में 11 स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं, जिन्हें मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इन स्टेशनों को बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों से जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों को एक ही स्थान पर सभी परिवहन सुविधाएं मिल सकेंगी।
सरकार की योजना केवल इस कॉरिडोर तक सीमित नहीं है। भविष्य में इसे कुरुक्षेत्र, अंबाला और पंचकूला (चंडीगढ़) तक विस्तार देने की संभावना भी जताई गई है। यदि यह योजना साकार होती है तो पूरे उत्तर हरियाणा की तस्वीर बदल सकती है और क्षेत्र को अभूतपूर्व कनेक्टिविटी मिल सकती है। कुल मिलाकर, यह रैपिड रेल प्रोजेक्ट हरियाणा के विकास को नई गति देने वाला कदम माना जा रहा है, जिसका सीधा फायदा आम लोगों से लेकर उद्योग जगत तक सभी को मिलेगा।
Akhil Mahajan