सोनीपत CMO ने साइबर क्राइम को भेजा नोटिस:बोलीं- फर्जी वीडियो से छवि की खराब
सोनीपत CMO ने पूर्व AAP नेता देवेन्द्र गौतम को मानहानि, साइबर क्राइम और मॉर्फिंग के आरोपों में कानूनी नोटिस भेजा है।
■ सोनीपत CMO ने पूर्व AAP नेता को भेजा कानूनी नोटिस
■ फर्जी वीडियो और मॉर्फ फोटो से छवि खराब करने का आरोप
■ टेंडर प्रक्रिया को बताया पूरी तरह पारदर्शी
सोनीपत में सिविल अस्पताल की CMO ज्योतना और पूर्व आप नेता देवेन्द्र गौतम के बीच विवाद गहरा गया है। सीएमओ की ओर से देवेन्द्र गौतम के खिलाफ मानहानि, साइबर क्राइम, मॉर्फिंग और आपराधिक धमकी के आरोपों में कानूनी नोटिस भेजा गया है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर झूठे आरोप लगाकर एक वरिष्ठ महिला अधिकारी की छवि खराब करने की साजिश की गई और सरकारी तंत्र पर दबाव बनाने की कोशिश की गई।
नोटिस में कहा गया है कि सीएमओ एक वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी हैं, जिन्होंने वर्षों की सेवा ईमानदारी और उच्च नैतिक मूल्यों के साथ की है, लेकिन पूर्व आप नेता द्वारा उनके खिलाफ दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। साथ ही सोशल मीडिया पर मॉर्फ की गई तस्वीरें और आपत्तिजनक पोस्ट डालकर उन्हें भ्रष्टाचार से जोड़ने की कोशिश की गई, जो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत गंभीर अपराध है।
सीएमओ की ओर से नोटिस में दवाइयों की खरीद से जुड़े टेंडरों को लेकर लगाए गए आरोपों को भी खारिज किया गया है। नोटिस में बताया गया कि दवाइयों की खरीद के दोनों टेंडर पूरी तरह ऑनलाइन और सरकारी नियमों के तहत जारी किए गए थे। एक टेंडर 13 अक्टूबर 2025 को जारी हुआ था, जिसमें चार कंपनियों ने भाग लिया और तकनीकी जांच के बाद तीन योग्य कंपनियों को 12 नवंबर 2025 को टेंडर आवंटित किया गया। वहीं टीबी विभाग से संबंधित दूसरा टेंडर 12 सितंबर 2025 को जारी हुआ था, जिसमें तीन कंपनियों ने भाग लिया और निर्धारित प्रक्रिया के तहत योग्य फर्मों को कार्य दिया गया।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने यूट्यूब पर एक वीडियो अपलोड कर सिविल अस्पताल सोनीपत में दवाइयों की खरीद को लेकर बिना सबूत के भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और इस तरह का “मीडिया ट्रायल” चलाकर उनकी सामाजिक और पेशेवर छवि को नुकसान पहुंचाया।
सीएमओ ने नोटिस के माध्यम से आरोपी को चेतावनी दी है कि वह तुरंत इस तरह की गतिविधियां बंद करे, अन्यथा उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराने के साथ-साथ करोड़ों रुपए के हर्जाने का सिविल मुकदमा भी दायर किया जाएगा। इसके अलावा मामले की शिकायत हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री और सोनीपत के पुलिस अधीक्षक को भी दी जाएगी, ताकि प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। इस मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
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