हरियाणा राज्यसभा चुनाव में काउंटिंग एजेंट विवाद : ECI सर्कुलर के बावजूद मंत्री-विधायक बने एजेंट
हरियाणा राज्यसभा चुनाव में काउंटिंग एजेंटों की नियुक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। केंद्रीय चुनाव आयोग के 2014 के सर्कुलर के बावजूद मंत्री और विधायक एजेंट बने, शिकायत भेजी गई है और आयोग का जवाब अब तक नहीं आया।
■ हरियाणा राज्यसभा चुनाव में काउंटिंग एजेंट विवाद
■ केंद्रीय चुनाव आयोग के 2014 के सर्कुलर का हवाला
■ मंत्री, विधायक और सरकारी पदधारक एजेंट नहीं बन सकते
हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के दौरान काउंटिंग एजेंटों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने केंद्रीय चुनाव आयोग (ECI) को शिकायत भेजी है कि 9 मई 2014 को जारी ECI सर्कुलर के अनुसार किसी भी केंद्रीय या राज्य सरकार के मंत्री, मौजूदा विधायक, सांसद, नगर निकाय अध्यक्ष, जिला/ब्लॉक प्रमुख या सरकारी कर्मचारियों को काउंटिंग एजेंट नहीं बनाया जा सकता।
बावजूद इसके इस साल 16 मार्च को हुए मतदान और काउंटिंग में भाजपा और कांग्रेस दोनों उम्मीदवारों ने अपने काउंटिंग एजेंट के रूप में वर्तमान मंत्री और विधायक नियुक्त किए, जो स्पष्ट रूप से आयोग के निर्देश का उल्लंघन है।
शिकायत उसी दिन भेजी गई थी लेकिन आयोग की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं आया। हेमंत कुमार ने 24 मार्च को एक रिमाइंडर भी भेजा और सभी संबंधित अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेने की अपील की।
हरियाणा में भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर सिंह बौद्ध दोनों निर्वाचित हुए, जबकि निर्दलीय सतीश नांदल बहुत कम अंतर से हार गए। इस विवाद से चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठे हैं।
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