उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में बिना ऑपरेशन जटिल बीमारी का सफल इलाज, EUS तकनीक से 10 मिनट में मरीज को राहत मिली, जानें

पानीपत में पहली बार बिना ऑपरेशन के जटिल पैंक्रियास बीमारी का सफल इलाज। EUS तकनीक से 10 मिनट में मरीज को राहत मिली।

उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में बिना ऑपरेशन जटिल बीमारी का सफल इलाज, EUS तकनीक से 10 मिनट में मरीज को राहत मिली, जानें

पानीपत में पहली बार बिना ऑपरेशन जटिल पैंक्रियास बीमारी का इलाज
10 मिनट की प्रक्रिया में मरीज को बड़ी राहत, कोई चीरा नहीं लगा
अब दिल्ली-चंडीगढ़ जाने की जरूरत नहीं, शहर में ही हाईटेक इलाज उपलब्ध


पानीपत: शहर के चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई है, जहां पहली बार बिना किसी ऑपरेशन के एक जटिल पैंक्रियास बीमारी का सफल इलाज किया गया। उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. सुनील जे. भट्ट ने आधुनिक तकनीक के जरिए यह कीर्तिमान स्थापित किया है। इस उपलब्धि ने न केवल अस्पताल बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के नए द्वार खोल दिए हैं।

जानकारी के अनुसार 28 वर्षीय युवक पिछले करीब दो महीनों से सीवियर एक्यूट नेक्रोटाइजिंग पैंक्रियाटाइटिस से जूझ रहा था। इस गंभीर बीमारी के चलते उसके पैंक्रियास में लगभग 11×10 सेमी का बड़ा नेक्रोटिक कलेक्शन बन गया था, जो पेट पर दबाव डाल रहा था। इसके कारण मरीज को लगातार तेज दर्द, भारीपन और असहजता की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही थी, जिससे मरीज और उसके परिजनों की चिंता भी बढ़ती जा रही थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने पारंपरिक सर्जरी के बजाय EUS (एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड) गाइडेड सिस्टोगैस्ट्रोस्टॉमी तकनीक अपनाने का निर्णय लिया। इस अत्याधुनिक प्रक्रिया में एंडोस्कोपी और अल्ट्रासाउंड की मदद से पैंक्रियास में जमा द्रव को सीधे पेट में ड्रेन किया जाता है, जिससे दबाव कम हो जाता है और मरीज को तुरंत राहत मिलती है।

डॉ. सुनील जे. भट्ट के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया महज 10 मिनट में सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई। सबसे खास बात यह रही कि इसमें त्वचा पर किसी प्रकार का चीरा नहीं लगाया गया और मरीज को किसी तरह का दर्द भी महसूस नहीं हुआ। प्रक्रिया के तुरंत बाद ही मरीज को राहत मिलने लगी, जो इस तकनीक की सफलता को दर्शाता है।

अस्पताल के यूनिट हेड कपिल नारंग ने बताया कि यह अत्याधुनिक सुविधा अब तक केवल बड़े शहरों जैसे दिल्ली और चंडीगढ़ में ही उपलब्ध थी, लेकिन अब पानीपत में भी यह सुविधा मिलने लगी है। इससे आसपास के जिलों के मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा और उन्हें अपने ही शहर में बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की आधुनिक और सुरक्षित तकनीकें जटिल पैंक्रियास संबंधी बीमारियों के इलाज में बेहद कारगर साबित हो रही हैं। इस सफलता के साथ ही पानीपत में उन्नत गैस्ट्रोएंटरोलॉजी सेवाओं का एक नया अध्याय शुरू हो गया है, जो आने वाले समय में मरीजों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा।