SE तंवर के अंतिम संस्कार के फैसले पर विवाद: करनाल में पत्नी ने कराई FIR, 2 नाम हटे, 4 जोड़े; समाज में नाराजगी

करनाल में सस्पेंडेड SE गीतूराम तंवर के अंतिम संस्कार के फैसले पर समाज में नाराजगी हुई। नई FIR में दो नाम हटे और चार नए नाम जोड़े गए।

SE तंवर के अंतिम संस्कार के फैसले पर विवाद: करनाल में पत्नी ने कराई FIR, 2 नाम हटे, 4 जोड़े; समाज में नाराजगी

➤ गीतूराम तंवर के अंतिम संस्कार पर परिवार और समाज आमने-सामने, 33 घंटे बाद हुआ संस्कार

➤ नई FIR में सुसाइड नोट के दो नाम हटे, चार नए नाम जुड़े; अब 14 लोगों के खिलाफ केस

➤ समाज के लोगों ने जताई नाराजगी, बोले- गीतूराम को पहले न्याय मिलना चाहिए था


करनाल। करनाल बिजली निगम के सस्पेंडेड एसई गीतूराम तंवर की आत्महत्या के 33 घंटे बाद आखिरकार अंतिम संस्कार हो गया। अंतिम संस्कार को लेकर परिवार और समाज के बीच भी विवाद की स्थिति बन गई। परिवार की ओर से अंतिम संस्कार के लिए सहमति एडीसी राहुल रईया और डीएसपी राजीव कुमार की ओर से मिले आश्वासन के बाद बनी। इस दौरान तीन अहम बातों पर सहमति हुई।

पहली सहमति यह बनी कि मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। इसमें आईपीएस रविंद्र, डीएसपी मीना और सेक्टर-9 चौकी प्रभारी संदीप कुमार को शामिल किया गया है। दूसरी सहमति के अनुसार तंवर के सभी रुके हुए भत्ते रिलीज किए जाएंगे। तीसरी बात यह तय हुई कि उनकी पत्नी की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर संशोधित FIR दर्ज की जाएगी।

बुधवार को दूसरी FIR भी सामने आ गई। इसमें सुसाइड नोट में लिखे गए दो नाम एसई धर्म सुहाग और अजय कोहड़ बाहर कर दिए गए हैं, जबकि नवीन दलाल, ओमबीर धनखड़, टोनू कोहाड़ और हरियाणा भाईचार मीडिया के नाम जोड़े गए हैं। इस बदलाव के बाद FIR में कुल 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

अंतिम संस्कार के फैसले पर समाज के लोगों ने जताई नाराजगी

परिवार की ओर से जब घर पहुंचे समाज के नेताओं को बताया गया कि अंतिम संस्कार के लिए सहमति बन गई है, तो कुछ लोगों में नाराजगी फैल गई। इस दौरान हंगामे की स्थिति भी बनी।

एडवोकेट सोनिया तंवर, अमित तंवर आदि का कहना था कि गीतूराम को पहले न्याय मिलना चाहिए। समाज के कुछ लोगों ने परिवार के फैसले पर सवाल भी उठाए।

इस दौरान एक व्यक्ति ने कहा कि यदि परिवार पहले ही बता देता कि वह अंतिम संस्कार के लिए तैयार है तो पूरा समाज वहां नहीं आता। एक व्यक्ति ने नाराजगी जताते हुए यहां तक कहा कि अब हमें कभी मत बुलाना, गीतू को न्याय दिलाने के लिए।

अंतिम संस्कार के फैसले को लेकर समाज के लोगों की नाराजगी के बीच परिवार की ओर से अपनी सहमति के पीछे प्रशासन की ओर से मिले आश्वासनों को आधार बताया गया।

सुसाइड नोट में 12 नाम थे, पुलिस ने किसी को नामजद नहीं किया था

गीतूराम तंवर के सुसाइड नोट में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के एमडी आईएएस विक्रम सिंह, तीन एक्सईएन रणबीर देशवाल, अश्विनी कौशिक और राज सिंह, चार एसडीओ सतीश गोयत, प्रदीप कुमार, आशीष महल और रूपेश, तीन अधीक्षण अभियंता (एसई) मनिंदर सिंह, धर्म सुहाग और अजय कोहर तथा अंडर सेक्रेटरी मोहित भटनागर के नाम लिखे थे।

पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की थी, लेकिन सुसाइड नोट में लिखे इन नामों में से किसी को भी नामजद नहीं किया गया था।

इसके बाद गीतूराम तंवर की पत्नी प्रीति तंवर की ओर से 31 अगस्त को थाना सेक्टर-32/33, करनाल में शिकायत दी गई। इसी शिकायत को जोड़ते हुए पुलिस ने अब 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

पत्नी की शिकायत के बाद 14 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ केस

प्रीति तंवर की शिकायत के आधार पर दर्ज नई FIR में उत्तर हरियाणा बिजली निगम के एमडी आईएएस विक्रम सिंह, तीन एक्सईएन रणबीर देशवाल, अश्वनी कौशिक और राज सिंह, एसई मनिंद्र सिंह, अंडर सेक्रेटरी मोहित भटनागर और एसडीओ सतीश गोयत, प्रदीप कुमार, आशीष महल के नाम शामिल हैं।

इसके अलावा नवीन दलाल, ओमबीर धनखड़, टोनू कोहाड़ और हरियाणा भाईचार मीडिया को भी FIR में शामिल किया गया है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108, 351(3) और अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम की धारा 3(1)(एस) लगाई गई हैं।

नई FIR में दर्ज नामों को लेकर पुलिस अब सुसाइड नोट, पत्नी की शिकायत और FIR में शामिल सभी नामों की भूमिका की अलग-अलग जांच करेगी।

नई FIR में दो नाम हटे, चार नए नाम जोड़े गए

नई FIR में सुसाइड नोट में दर्ज एसई धर्म सुहाग और अजय कोहड़ के नाम शामिल नहीं हैं। गीतू की पत्नी प्रीति की शिकायत के अनुसार पुलिस ने दोनों के नाम FIR से हटा दिए हैं।

वहीं, इनके स्थान पर नवीन दलाल, ओमबीर धनखड़, टोनू कोहाड़ और हरियाणा भाईचारा मीडिया के नाम जोड़े गए हैं। इस तरह नई FIR में कुल 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस अब यह जांच करेगी कि सुसाइड नोट में दर्ज नामों, पत्नी की शिकायत में लगाए गए आरोपों और नई FIR में शामिल लोगों की मामले में क्या भूमिका है।

नए नाम जोड़ने के पीछे पत्नी ने लगाए ये आरोप

प्रीति तंवर ने अपनी शिकायत में नवीन दलाल, ओमबीर धनखड़, टोनू कोहाड़ और हरियाणा भाईचारा मीडिया के नाम FIR में जोड़ने का कारण भी बताया है।

शिकायत के अनुसार, आरोप है कि इन लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से गीतूराम को परेशान किया और उन्हें धमकियां दीं। पत्नी ने आरोप लगाया कि उन्हें जातिसूचक गालियां दी जाती थीं और जान से मारने की धमकियां भी मिलती थीं।

प्रीति तंवर के अनुसार, गीतूराम उन्हें बार-बार बताते थे कि आरोपी उनसे कहते थे कि या तो वे खुद मर जाएं या फिर उन्हें और उनके परिवार को मार दिया जाएगा।

इन आरोपों के आधार पर ही पत्नी की शिकायत में इन नए नामों को शामिल करने की मांग की गई थी। अब पुलिस सुसाइड नोट और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर पूरे मामले की अलग-अलग पहलुओं से जांच करेगी।

एसआईटी करेगी मामले की जांच, तीन अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

गीतूराम तंवर के मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। इसमें आईपीएस रविंद्र, डीएसपी मीना और सेक्टर-9 चौकी प्रभारी संदीप कुमार को शामिल किया गया है।

परिवार को अंतिम संस्कार के लिए राजी करने के दौरान प्रशासन की ओर से एसआईटी जांच का आश्वासन भी दिया गया। इसके साथ ही सभी रुके हुए भत्ते रिलीज करने और पत्नी की शिकायत के आधार पर FIR संशोधित करने की बात कही गई।

अब नई FIR सामने आने के बाद जांच का दायरा भी स्पष्ट हो गया है। पुलिस सुसाइड नोट, पत्नी की शिकायत और FIR में दर्ज नामों के आधार पर संबंधित लोगों की भूमिका की जांच करेगी।

33 घंटे बाद हुआ अंतिम संस्कार, लेकिन विवाद ने बढ़ाई हलचल

गीतूराम तंवर की आत्महत्या के करीब 33 घंटे बाद अंतिम संस्कार हुआ। अंतिम संस्कार से पहले प्रशासन और परिवार के बीच हुई बातचीत के बाद सहमति बनी। हालांकि परिवार के इस फैसले से समाज के कुछ लोग नाराज हो गए।

समाज के लोगों की ओर से गीतूराम के लिए पहले न्याय की मांग की गई। दूसरी ओर प्रशासन ने परिवार को एसआईटी जांच, रुके हुए भत्ते रिलीज करने और शिकायत के आधार पर FIR संशोधित करने का आश्वासन दिया।

अब नई FIR में नामों के बदलाव के बाद पुलिस के सामने सुसाइड नोट और पत्नी की शिकायत में सामने आए आरोपों की जांच करने की जिम्मेदारी है। इसी जांच से यह स्पष्ट होगा कि मामले में नामजद किए गए लोगों की क्या भूमिका रही।