ASI संदीप लाठर की पत्नी को मिलेगी पक्की सरकारी नौकरी

रोहतक में साइबर सेल ASI संदीप लाठर की विधवा पत्नी संतोष देवी को पक्की सरकारी नौकरी मिलेगी। MDU कैंपस स्कूल में शिक्षक पद पर जनवरी में जॉइनिंग की तैयारी है।

ASI संदीप लाठर की पत्नी को मिलेगी पक्की सरकारी नौकरी
  • रोहतक साइबर सेल ASI संदीप लाठर की पत्नी को मिलेगी पक्की सरकारी नौकरी
  • MDU कैंपस स्कूल में टीचर पद पर जनवरी में जॉइनिंग की तैयारी
  • खाप पंचायत के दबाव के बाद सरकार ने लिया फैसला


हरियाणा के रोहतक में साइबर सेल के प्रभारी रहे दिवंगत ASI संदीप लाठर की विधवा पत्नी संतोष देवी को पक्की सरकारी नौकरी मिलने का रास्ता साफ हो गया है। हरियाणा सरकार उन्हें महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कैंपस स्कूल में शिक्षक पद पर नियुक्त करने की तैयारी कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, संतोष देवी की शैक्षणिक योग्यताओं से संबंधित सभी दस्तावेज MDU की ओर से सरकार को भेज दिए गए हैं। इन प्रमाणपत्रों का वेरिफिकेशन चल रहा है। विश्वविद्यालय के इस स्कूल में कई पद रिक्त हैं, जिसके चलते जनवरी के पहले सप्ताह में संतोष देवी की जॉइनिंग कराई जा सकती है।

ASI संदीप लाठर के सुसाइड के बाद 16 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने पोस्टमॉर्टम से पहले परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया था। उस समय मुख्यमंत्री नायब सैनी ने स्वयं ASI की पत्नी को सरकारी नौकरी देने पर सहमति जताई थी। साथ ही, बच्चों की पढ़ाई को लेकर भी प्रशासन को निर्देश दिए गए थे।

नवंबर में संतोष देवी को लेक्चरर पद पर नौकरी देने की चर्चा सामने आई थी। हालांकि, संतोष देवी ने शिक्षक की बजाय तहसीलदार पद की मांग रखी थी। इस पर सरकार की ओर से कोई औपचारिक बयान नहीं आया।

दिसंबर में सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से नौकरी देने का प्रस्ताव रखा, जिसे परिवार ने ठुकरा दिया। इसके बाद 14 दिसंबर को लाढ़ौत मोड़ स्थित फार्म हाउस पर खाप पंचायत बुलाई गई, जिसमें पक्की नौकरी की मांग को लेकर विरोध दर्ज कराया गया।

खाप पंचायत के बाद सरकार सक्रिय हुई और MDU कैंपस स्कूल में शिक्षक पद का ऑफर भेजा गया। परिवार ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। MDU के एक अधिकारी के अनुसार, अकादमिक दस्तावेज सरकार के पास भेजे जा चुके हैं और औपचारिक प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

गौरतलब है कि ASI संदीप लाठर ने 14 अक्टूबर को अपने सर्विस रिवाल्वर से आत्महत्या कर ली थी। सुसाइड से पहले उन्होंने एक वीडियो जारी कर भ्रष्टाचार और जातिवाद के गंभीर आरोप लगाए थे। यह मामला प्रदेश की राजनीति और प्रशासन में लंबे समय तक चर्चा में रहा।