राम तेरी गंगा मैली के झरने वाले सीन पर मंदाकिनी का खुलासा, 16 साल की उम्र में ऐसे हुई थी शूटिंग
मंदाकिनी ने राम तेरी गंगा मैली के चर्चित झरने वाले सीन की शूटिंग का किस्सा बताया और राज कपूर की सलाह से जुड़ी खास बातें साझा कीं
16 साल की उम्र में मंदाकिनी ने ‘राम तेरी गंगा मैली’ से किया था डेब्यू
➤ झरने वाले सीन को लेकर बोलीं- मुझे कहीं भी अश्लीलता महसूस नहीं हुई
➤ राज कपूर की सलाह पर डबल की थी साड़ी, बाद में कई मेकर्स ने सीन दोहराने को कहा
दिग्गज अभिनेत्री मंदाकिनी ने फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ के जरिए सिनेमा की दुनिया में कदम रखा था। साल 1985 में रिलीज हुई राज कपूर निर्देशित इस फिल्म ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया था। उस समय उनकी उम्र महज 16 साल थी। फिल्म में उन्होंने गंगा का किरदार निभाया था, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया।
फिल्म की सफलता के साथ मंदाकिनी की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी, लेकिन इसके कई सीन लंबे समय तक चर्चा और विवाद का विषय भी बने रहे। इनमें फिल्म के झरने वाला सीन सबसे ज्यादा चर्चित रहा। अब अभिनेत्री ने हाल ही में इस सीन की शूटिंग और उस समय की अपनी सोच को लेकर खुलकर बात की है।
‘मुझे कहीं भी अश्लीलता महसूस नहीं हुई’
मंदाकिनी ने हाल ही में फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ के चर्चित वॉटरफॉल सीन को याद किया। उन्होंने कहा कि उन्हें उस सीन में कुछ भी ‘अश्लील’ या असहज नहीं लगा था।
फिल्म के ‘तुझे बुलाएं ये मेरी बाहें’ गाने में मंदाकिनी सफेद साड़ी पहने झरने के बीच नजर आई थीं। यह दृश्य फिल्म के सबसे चर्चित दृश्यों में शामिल हो गया था और इसे लेकर उस दौर में काफी चर्चा हुई थी।
समाचार एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में अभिनेत्री ने बताया कि जब उन्होंने फिल्म की शूटिंग शुरू की थी, तब वह सिर्फ 16 साल की थीं। उस उम्र में उन्हें पूरी तरह समझ नहीं था कि बाद में इन दृश्यों को किस नजरिए से देखा जाएगा।
राज कपूर ने मंदाकिनी को समझाया था सीन
मंदाकिनी ने बताया कि राज कपूर ने उन्हें झरने वाले सीक्वेंस के बारे में समझाया था। अभिनेत्री के मुताबिक, इस सीन का मकसद अश्लीलता दिखाना नहीं था, बल्कि फिल्म की कहानी में पवित्रता और गंगा के किरदार को सामने रखना था।
उन्होंने बताया कि राज कपूर के साथ काम करने का उनका अनुभव ऐसा था कि उनके सामने कलाकार ज्यादा सवाल नहीं करते थे। मंदाकिनी ने कहा, ‘उनका (राज कपूर) तरीका ऐसा था कि आप उनसे कोई सवाल ही नहीं करते थे। इतना प्यार से इतना जेंटल जैसे आपका फैमिली मेंबर आपसे करवा रहा हो।’
अभिनेत्री ने आगे कहा, ‘मुझे कहीं भी कोई अश्लीलता महसूस नहीं हुई। जरा भी बुरा या घिनौना नहीं लगा। पूरी फिल्म का सार यही था कि पवित्रता जैसी कोई चीज नहीं होती। वे उसे (गंगा को) अपवित्र बनाना चाहते थे, लेकिन वे सफल नहीं हुए।’
थोड़ा असहज लगा तो राज कपूर ने दी ये सलाह
मंदाकिनी ने उस सीन की शूटिंग से जुड़ा एक खास किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान राज कपूर उनके सामने थे और उन्हें थोड़ा असहज महसूस हुआ। ऐसे में उन्होंने अपनी साड़ी को डबल कर लिया।
अभिनेत्री के मुताबिक, उन्होंने कहा, ‘राज कपूर मेरे सामने थे... थोड़ा सा मुझे असहज लगा तो मैंने साड़ी को डबल कर लिया। उन्होंने कहा डबल कर लो तो मैंने कर लिया.. बस हो गया वो शॉट।’
मंदाकिनी के इस बयान से यह भी सामने आता है कि उस समय इस सीन को लेकर उनकी समझ आज की तरह नहीं थी। वह महज 16 साल की थीं और फिल्म के निर्देशक राज कपूर ने जिस तरह उन्हें सीक्वेंस समझाया, उसी के अनुसार उन्होंने शूटिंग की।
फिल्म की सफलता के बाद कई मेकर्स ने सीन दोहराने को कहा
‘राम तेरी गंगा मैली’ की सफलता के बाद झरने वाला सीन इतना चर्चित हुआ कि कुछ फिल्ममेकर्स चाहते थे कि मंदाकिनी दोबारा इसी तरह का सीन करें। हालांकि अभिनेत्री ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया।
मंदाकिनी ने बताया कि कई मेकर्स ने उनसे उस सीन को दोबारा करने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उनके मुताबिक किसी फिल्म के सफल होने के पीछे सिर्फ एक खास सीन नहीं होता, बल्कि उसकी कहानी सबसे अहम होती है।
मंदाकिनी बोलीं- हिट होने के लिए बहुत अच्छी कहानी जरूरी
अभिनेत्री ने कहा कि किसी फिल्म को हिट बनाने के लिए केवल किसी एक चर्चित दृश्य पर निर्भर नहीं रहा जा सकता। इसके लिए अच्छी कहानी जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘हिट होने के लिए आपको एक बहुत अच्छी कहानी की जरूरत होती है, जो ‘राम तेरी गंगा मैली’ में थी। उसमें क्या दिखाया गया है? उसे कैसे पेश किया गया है? डायरेक्टर आपको क्या मैसेज देना चाहता है? हर चीज मायने रखती है।’
मंदाकिनी के मुताबिक, दबाव के बावजूद उन्होंने उस सीन को कभी दोहराया नहीं। इसके बाद भी उन्होंने फिल्मों में काम करना जारी रखा।
‘राम तेरी गंगा मैली’ ने मंदाकिनी को दिलाई अलग पहचान
राज कपूर की फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ मंदाकिनी के करियर की शुरुआत थी और इसी फिल्म ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई। फिल्म में उनके किरदार गंगा को दर्शकों ने पसंद किया। वहीं फिल्म के कुछ दृश्यों को लेकर वर्षों तक बहस और चर्चा होती रही।
अब इतने वर्षों बाद मंदाकिनी ने झरने वाले सीन की शूटिंग को लेकर अपना अनुभव साझा किया है। उन्होंने साफ कहा कि उस समय उन्हें इस दृश्य में अश्लीलता या घिनौना एहसास नहीं हुआ था और उनके लिए फिल्म की कहानी तथा उसके संदेश का महत्व ज्यादा था।
Akhil Mahajan