हरियाणा में मानसून कमजोर,2 जिलों में यलो अलर्ट,15 शहरों में पारा 35°C पार

हरियाणा में मानसून कमजोर पड़ा, अंबाला और यमुनानगर में यलो अलर्ट। 15 शहरों में तापमान 35°C पार और 11 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई।

हरियाणा में मानसून कमजोर,2 जिलों में यलो अलर्ट,15 शहरों में पारा 35°C पार

हरियाणा के अंबाला और यमुनानगर में बारिश का यलो अलर्ट जारी
15 शहरों में तापमान 35°C या उससे अधिक, हिसार 36.2°C के साथ सबसे गर्म
11 जिलों में सामान्य से कम बारिश, जींद में 60% और सिरसा में 58% कमी

हरियाणा में एक बार फिर मानसून कमजोर पड़ गया है। प्रदेश के कई जिलों में बारिश में कमी के चलते सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। एक दिन पहले मौसम विभाग ने प्रदेश में अच्छी बारिश की संभावना जताई थी, लेकिन अब सिर्फ अंबाला और यमुनानगर में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, इसके अलावा पंचकूला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, जींद, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह और पलवल में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने का अंदेशा है। वहीं सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी के कुछ एक स्थानों पर बूंदाबांदी हो सकती है।

बारिश कम होने और तेज धूप से बढ़ा तापमान

प्रदेश में बारिश की कमी के साथ तेज धूप का असर भी दिखाई दे रहा है। मंगलवार को प्रदेश के औसतन अधिकतम तापमान में 0.8°C की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के 15 शहरों में तापमान 35°C या उससे अधिक दर्ज किया गया।

हिसार में प्रदेश का सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड हुआ। यहां अधिकतम तापमान 36.2°C दर्ज किया गया। इसके अलावा भिवानी में 35.5°C, अंबाला में 35.4°C, सिरसा में 35.5°C और महेंद्रगढ़ में 35.9°C तापमान दर्ज किया गया।

रात के तापमान में भी बढ़ोतरी, यमुनानगर सबसे ठंडा

मानसून की बेरुखी का असर न्यूनतम तापमान पर भी पड़ा है। प्रदेश में न्यूनतम तापमान में 0.4°C का इजाफा दर्ज किया गया, हालांकि यह सामान्य के आसपास ही बना हुआ है।

प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान यमुनानगर में 23.4°C दर्ज किया गया। इसके अलावा अंबाला में रात का पारा 25.3°C, हिसार में 25.0°C, करनाल में 24.6°C और नारनौल में 24.5°C दर्ज किया गया।

11 जिलों में सामान्य से कम बारिश, जींद और सिरसा में सूखे जैसे हालात

हरियाणा में इस मानसून सीजन 1 जून से 15 सितंबर के दौरान बारिश का पैटर्न मिला-जुला और असमान रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जींद और सिरसा जिले बारिश की भारी कमी यानी सूखे जैसी स्थिति से जूझ रहे हैं।

इस मानसून सीजन में पलवल जिले में सबसे बेहतर बारिश हुई है। यहां सामान्य से 21% अधिक यानी 473.4 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। इसके विपरीत प्रदेश में सबसे कम बारिश जींद जिले में हुई है। जींद में सामान्य से 60% कम यानी केवल 145.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

सिरसा में सामान्य से 58% कम बारिश

बारिश की कमी के मामले में सिरसा राज्य में दूसरे नंबर पर सबसे सूखा जिला रहा है। यहां सामान्य से 58% कम यानी महज 88.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

इसके अलावा कैथल में सामान्य से 48%, रोहतक में 48%, कुरुक्षेत्र में 41%, करनाल में 41%, अंबाला में 40%, हिसार में 37%, पानीपत में 36% और सोनीपत में 31% बारिश कम दर्ज की गई है।

इन जिलों में भी बारिश की कमी का असर

मानसून सीजन के दौरान प्रदेश के कई जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज होने से मौसम का असर अलग-अलग क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। जहां कुछ जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है, वहीं कई जिलों में केवल बूंदाबांदी का ही अंदेशा जताया गया है।

प्रदेश में मानसून की कमजोर स्थिति के बीच अंबाला और यमुनानगर में यलो अलर्ट, जबकि कई अन्य जिलों में हल्की बारिश और कुछ जिलों में बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। इसी बीच तेज धूप के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है और कई शहरों में पारा 35°C के पार पहुंच गया है।