करनाल विधायक को धमकी देने का मामला, रिटायर्ड प्रिंसिपल गिरफ्तार; चार दिन की पुलिस रिमांड

करनाल विधायक जगमोहन आनंद को धमकी देने के मामले में रिटायर्ड प्रिंसिपल गिरफ्तार हुआ। पत्र में 20 गोलियों की धमकी और लॉरेंस गैंग का नाम था।

करनाल विधायक को धमकी देने का मामला, रिटायर्ड प्रिंसिपल गिरफ्तार; चार दिन की पुलिस रिमांड

करनाल विधायक को धमकी देने वाला रिटायर्ड प्रिंसिपल गिरफ्तार
पत्र में खुद को लॉरेंस गैंग का एरिया कमांडर बताकर 20 गोलियों की धमकी
इंद्री के डाकघर की CCTV फुटेज से आरोपी तक पहुंची पुलिस


करनाल। करनाल से भाजपा विधायक जगमोहन आनंद और उनके बेटे को सिर में 20 गोलियां मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने एक रिटायर्ड प्रिंसिपल को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान ईश्वर सिंह के रूप में हुई है। उसे मंगलवार को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। आरोपी पर आरोप है कि उसने 27 अगस्त को डाक के जरिए विधायक के कैंप कार्यालय में धमकी भरा पत्र भेजा था। पत्र में भेजने वाले ने खुद को लॉरेंस गैंग का एरिया कमांडर बलवीर सिंह बताया था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी का वास्तव में किसी गैंग से कोई संबंध है या उसने विधायक को डराने के लिए पत्र में गैंग का नाम इस्तेमाल किया।

पूंडरी विधायक सतपाल जांबा के साथ आरोपी का बेटा मुकेश।-फाइल

डाक से पहुंचा था धमकी भरा पत्र

27 अगस्त को विधायक जगमोहन आनंद को डाक के जरिए धमकी भरा पत्र मिला था। उस समय विधायक विधानसभा सेशन में शामिल होने के लिए चंडीगढ़ गए हुए थे। शाम को सेक्टर-13 स्थित अपने निवास लौटने के बाद उन्होंने कैंप ऑफिस में आई डाक देखी। इसी दौरान उन्हें यह धमकी भरा पत्र मिला।

पत्र ‘बलवीर सिंह, एरिया कमांडर, लॉरेंस, हरियाणा’ के नाम से भेजा गया था। इसमें विधायक के समाज और समाज की बहू-बेटियों के बारे में आपत्तिजनक और गाली-गलौज वाली भाषा लिखी गई थी। साथ ही विधायक और उनके बेटे को जान से मारने की धमकी दी गई थी। पहले सामने आई रिपोर्टों में भी पत्र में विधायक और उनके बेटे को एक महीने के भीतर मारने तथा AK-47 से गोली चलाने की धमकी का उल्लेख किया गया था।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्‌टर से हाथ मिलाते हुए ईश्वर का बेटा मुकेश।-फाइल

इंद्री के डाकघर तक पहुंची पुलिस की जांच

पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि धमकी भरा पत्र इंद्री से पोस्ट किया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ईश्वर सिंह बाइक पर सवार होकर हेलमेट पहनकर डाकघर पहुंचा था। उसने वहां पत्र पोस्ट किया और इसके बाद वहां से निकल गया।

डाकघर के बाहर लगे CCTV कैमरे में बाइक का नंबर पुलिस के हाथ लगा। इसी नंबर की जांच के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पत्र भेजने के पीछे आरोपी का वास्तविक मकसद क्या था और क्या वह अकेले इस पूरी कार्रवाई में शामिल था।

AK-47 से 20 गोलियां मारने की धमकी

धमकी भरे पत्र में विधायक और उनके बेटे के सिर में AK-47 से 20 गोलियां मारने की बात लिखी गई थी। पत्र में यह भी धमकी दी गई थी कि सुरक्षा बढ़ाए जाने के बावजूद रात के समय उन्हें गोली मार दी जाएगी और एक महीने के भीतर हत्या कर दी जाएगी।

पत्र में हर्ष की मौत का भी जिक्र किया गया था। इसमें विधायक को हर्ष की मौत का ब्याज सहित हिसाब-किताब चुकाने की धमकी दी गई थी। विधायक को भेजे गए मूल धमकी पत्र के संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी और उनकी सुरक्षा भी बढ़ाई गई थी।

सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल रह चुका है आरोपी

आरोपी ईश्वर सिंह मूल रूप से करनाल की सीएचड़ी सिटी का रहने वाला बताया गया है। वह इंद्री के सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल रह चुका है और सेवानिवृत्त हो चुका है।

अब पुलिस की जांच का एक अहम हिस्सा यह है कि आरोपी का लॉरेंस गैंग से वास्तव में कोई संबंध है या नहीं। पत्र में खुद को गैंग का एरिया कमांडर बताया गया था, लेकिन पुलिस इस दावे की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। इसलिए आरोपी को लॉरेंस गैंग का सदस्य या कमांडर मानना अभी जांच का विषय है।

बेटे मुकेश की राजनीतिक लोगों के साथ तस्वीरें चर्चा में

इस मामले के बीच आरोपी के बेटे मुकेश का नाम भी चर्चा में आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुकेश के पूंडरी विधायक सतपाल जांबा के साथ राजनीतिक संपर्क रहे हैं। चुनाव के दौरान मुकेश ने जांबा के सोशल मीडिया अकाउंट संभाले थे और अब भी उनके सोशल मीडिया का काम देखने की बात सामने आई है।

पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ मुकेश के हाथ मिलाते हुए फोटो भी सामने आए हैं। इन तस्वीरों का उल्लेख मामले से जुड़े राजनीतिक संदर्भ के तौर पर किया जा रहा है। हालांकि, किसी व्यक्ति की तस्वीर या सोशल मीडिया से जुड़ाव अपने आप में धमकी पत्र भेजने या किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्तता साबित नहीं करता।

हर्ष एनकाउंटर के बाद बढ़ा था विवाद

धमकी पत्र में हर्ष की मौत का जिक्र होने के पीछे करनाल में हुए एक पुराने घटनाक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 5 अगस्त को करनाल में बीरू वाल्मीकि की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके अगले दिन 6 अगस्त को बीरू के परिजन और समर्थक प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान विधायक जगमोहन आनंद मौके पर पहुंचे थे और परिजनों से कहा था कि उन्हें शाम तक रिजल्ट मिल जाएगा।

इसके बाद पुलिस की मुठभेड़ में हर्ष और बीरबल मारे गए। हर्ष के एनकाउंटर को लेकर रोड़ समाज की ओर से सवाल उठाए गए और विधायक जगमोहन आनंद के बयान को इस घटनाक्रम से जोड़कर उनकी भूमिका पर सवाल किए गए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, समाज की ओर से इस मामले में जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और विधायक से माफी की मांग उठाई गई थी।

पंचायतों और प्रदर्शनों के बाद विधायक ने मांगी थी माफी

हर्ष एनकाउंटर को लेकर विवाद बढ़ने के बाद रोड़ समाज की ओर से कई पंचायतें और प्रदर्शन किए गए। समाज की प्रमुख मांगों में हर्ष एनकाउंटर की CBI जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और विधायक जगमोहन आनंद का समाज से माफी मांगना शामिल था।

मामला बढ़ने के बाद 30 अगस्त को विधायक जगमोहन आनंद ने रोड़ समाज से माफी मांगी। बैठक में उन्होंने कहा कि अगर उनकी किसी बात से समाज को ठेस पहुंची है तो वह उसके लिए माफी मांगते हैं। इससे पहले धमकी पत्र मिलने के बाद विधायक की सुरक्षा भी बढ़ाई गई थी।

पुलिस रिमांड में अब कई सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे

आरोपी को अदालत ने चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। अब पुलिस उससे धमकी पत्र लिखने, उसे इंद्री के डाकघर से पोस्ट करने और पत्र में लॉरेंस गैंग के नाम का इस्तेमाल करने को लेकर पूछताछ करेगी।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी का किसी आपराधिक गिरोह से कोई संपर्क है या नहीं। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि धमकी पत्र भेजने के पीछे उसका उद्देश्य केवल डर पैदा करना था या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।