बदल रही वैश्विक व्यवस्था,जयशंकर ने गिनाईं नई चुनौतियां, भारत की भूमिका पर जोर

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक व्यवस्था में बदलावों के बीच भारत की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया और विनिर्माण, व्यापार शुल्क व तकनीकी प्रतिस्पर्धा को चुनौती बताया।

बदल रही वैश्विक व्यवस्था,जयशंकर ने गिनाईं नई चुनौतियां, भारत की भूमिका पर जोर

जयशंकर ने वैश्विक व्यवस्था में बदलाव और भारत की बढ़ती भूमिका पर दिया जोर
एक ही क्षेत्र में विनिर्माण का केंद्रीकरण वैश्विक व्यवस्था के लिए चुनौती बताया
व्यापार शुल्क में अस्थिरता और तकनीकी प्रतिस्पर्धा पर भी जताई चिंता

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक व्यवस्था में हो रहे बदलावों और भारत की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया के सामने मौजूदा समय में कई नई चुनौतियां उभर रही हैं, जिनका असर वैश्विक व्यवस्था पर पड़ रहा है।

जयशंकर ने कहा कि विनिर्माण के एक बड़े हिस्से का एक ही क्षेत्र में केंद्रित होना, व्यापार शुल्क में अस्थिरता और तकनीकी प्रतिस्पर्धा वैश्विक व्यवस्था के सामने नई चुनौतियां पैदा कर रहे हैं। उनके मुताबिक, बदलते वैश्विक परिदृश्य में इन मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

विदेश मंत्री ने वैश्विक व्यवस्था में हो रहे व्यापक बदलावों के बीच भारत की भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने भारत की बढ़ती भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में वैश्विक स्तर पर कई ऐसे बदलाव हो रहे हैं, जो देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी संबंधों को प्रभावित कर रहे हैं।

जयशंकर ने विशेष रूप से विनिर्माण के एक बड़े हिस्से के एक ही क्षेत्र में केंद्रित होने को वैश्विक व्यवस्था के सामने उभरती चुनौती के तौर पर बताया। इसके साथ ही उन्होंने व्यापार शुल्क में अस्थिरता और तकनीकी प्रतिस्पर्धा को भी महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल किया।

इन चुनौतियों के बीच विदेश मंत्री ने वैश्विक व्यवस्था में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया। उनका बयान ऐसे समय में वैश्विक बदलावों और भारत की स्थिति पर केंद्रित रहा, जब विनिर्माण, व्यापार शुल्क और तकनीकी प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

वैश्विक बदलावों के बीच भारत की बढ़ती भूमिका पर जयशंकर का जोर, विनिर्माण से लेकर तकनीकी प्रतिस्पर्धा तक गिनाईं चुनौतियां

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक व्यवस्था में हो रहे बदलावों और भारत की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने विनिर्माण के एक बड़े हिस्से के एक ही क्षेत्र में केंद्रित होने, व्यापार शुल्क में अस्थिरता और तकनीकी प्रतिस्पर्धा को वैश्विक व्यवस्था के सामने नई चुनौतियां बताया।