पानीपत ट्रिपल मर्डर केस: पत्नी, साली और सास के हत्यारे को उम्रकैद
पानीपत के चर्चित ट्रिपल मर्डर केस में कोर्ट ने दोषी नूरहसन उर्फ राजू को उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई। पत्नी, साली और सास की हत्या के मामले में चार साल बाद अदालत ने कड़ा फैसला दिया।
■ पत्नी, साली और सास की हत्या में दोषी को उम्रकैद
■ कोर्ट ने जघन्य अपराध मानते हुए लगाया जुर्माना भी
■ साक्ष्य मिटाने और क्रूरता की कहानी ने झकझोरा समाज
हरियाणा के पानीपत में वर्ष 2020 के बहुचर्चित और रोंगटे खड़े कर देने वाले ट्रिपल मर्डर केस में आखिरकार न्याय की मुहर लग गई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आरके मेहता की अदालत ने पत्नी, साली और सास की बेरहमी से हत्या करने वाले दोषी नूरहसन उर्फ राजू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने इसे न केवल जघन्य अपराध माना, बल्कि समाज के लिए गंभीर संदेश देने वाला मामला बताते हुए दोषी पर आर्थिक दंड भी लगाया है।
कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी को उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं धारा 201 के तहत साक्ष्य मिटाने के अपराध में तीन वर्ष की सजा और 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न भरने पर तीन माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह मामला सितंबर 2020 का है। गांव चुलकाना निवासी नूरहसन समालखा में किराए के मकान पर रहता था। पुलिस जांच और अदालत में चली सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी अपनी पत्नी मधु के चरित्र पर शक करता था। 4 सितंबर 2020 को हुए विवाद और साली मनीषा द्वारा पुलिस में शिकायत की धमकी देने के बाद आरोपी ने खूनी साजिश रच डाली।
5 सितंबर 2020 की रात आरोपी ने कथित रूप से पेय पदार्थ में नींद की गोलियां मिलाकर पत्नी और साली को पिला दीं। जब दोनों बेसुध हो गईं तो उन पर घातक हमला कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद साक्ष्य मिटाने के प्रयास किए गए। पत्नी के शव को रेलवे लाइन के पास जलाया गया, जबकि साली के शव को सुनसान स्थान पर फेंक दिया गया।
घटना यहीं नहीं रुकी। 8 सितंबर 2020 को आरोपी की सास जमीला जब अपनी बेटियों के बारे में पूछताछ करने पहुंचीं तो आरोपी उन्हें समझाने के बहाने बाइक पर ले गया। रास्ते में उनकी भी हत्या कर दी गई और पहचान छिपाने के प्रयास किए गए।
पुलिस ने तफ्तीश के दौरान वारदात में इस्तेमाल कुल्हाड़ी, खून से सना तकिया और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए। यही साक्ष्य अदालत में निर्णायक साबित हुए। जीआरपी थाना पानीपत की प्रभावी पैरवी के बाद अदालत ने दोषी को कठोर दंड सुनाया।
इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए न्याय और समाज के लिए एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि घरेलू विवाद और शक की मानसिकता किस तरह भयावह अपराध में बदल सकती है।
Akhil Mahajan