जासूसी केस में यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की जमानत पर फैसला सुरक्षित, हाईकोर्ट ने रखी निगाहें जांच रिपोर्ट पर

पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की जमानत याचिका पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद हुई गिरफ्तारी पर अब अदालत का फैसला अहम होगा।

जासूसी केस में यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की जमानत पर फैसला सुरक्षित, हाईकोर्ट ने रखी निगाहें जांच रिपोर्ट पर

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ज्योति मल्होत्रा की जमानत पर फैसला सुरक्षित रखा
पाकिस्तान के लिए जासूसी और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत गंभीर धाराएं लागू
ऑपरेशन सिंदूर के बाद हिसार पुलिस ने 15 मई को किया था गिरफ्तार


पाकिस्तान के लिए कथित जासूसी के आरोपों में गिरफ्तार यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। यह फैसला जस्टिस सूर्यप्रताप सिंह की अदालत में सुरक्षित किया गया। मामले में आज आदेश आने की उम्मीद थी, लेकिन कोर्ट ने फिलहाल आदेश सुरक्षित रखते हुए बाद में निर्णय सुनाने की बात कही है।

चीन की यात्रा के दौरान ज्योति ने कई ब्लॉग बनाए थे।

ज्योति के वकील रविंद्र सिंह ढुल ने बताया कि कोर्ट कभी भी इस पर फैसला सुना सकती है। इससे पहले 19 फरवरी को हाईकोर्ट ने मामले के जांच अधिकारी को तलब कर अब तक की जांच की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। जांच रिपोर्ट के अध्ययन के बाद अदालत ने 27 फरवरी की तारीख तय करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया।

निचली अदालत से मिल चुकी है निराशा

इससे पहले निचली अदालत ज्योति की जमानत याचिका खारिज कर चुकी है। अब हाईकोर्ट से राहत मिलने की उम्मीद पर सबकी नजरें टिकी हैं। याचिका में ज्योति ने खुद को एक प्रोफेशनल ट्रैवल ब्लॉगर बताते हुए कहा है कि वह खुलेआम कैमरे के साथ वीडियो शूट करती हैं और सार्वजनिक मंच पर अपलोड करती हैं। ऐसे में उन्हें जासूस बताना “अंतर्निहित रूप से अविश्वसनीय” है।

यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा। - Dainik Bhaskar

याचिका में यह भी तर्क दिया गया कि आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की आवश्यक शर्तें जैसे प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश, स्केच या मॉडल बनाना आदि उनके मामले में लागू नहीं होतीं। बचाव पक्ष ने हिसार के एसपी शशांक कुमार सवान के कथित बयान का हवाला भी दिया, जिसमें कहा गया था कि ज्योति के पास किसी सैन्य या रणनीतिक संवेदनशील जानकारी की पहुंच नहीं पाई गई।

पाकिस्तान और चीन यात्रा से बढ़ा शक

ज्योति मल्होत्रा सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर तब आईं जब उन्होंने 2024 में लगातार पाकिस्तान और चीन की यात्रा की। उपलब्ध वीडियो तारीखों के अनुसार वह 17 अप्रैल 2024 को पाकिस्तान गईं और 15 मई तक वहीं रहीं। भारत लौटने के करीब 25 दिन बाद 10 जून को चीन पहुंचीं और 9 जुलाई तक वहां रहीं। इसके बाद 10 जुलाई को नेपाल के काठमांडू पहुंचीं।

पाकिस्तान यात्रा के दौरान वह करतारपुर कॉरिडोर से गई थीं और वहां पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ से मुलाकात कर उनका इंटरव्यू भी किया था। इसी क्रम में उनकी गतिविधियों पर एजेंसियों ने निगरानी तेज कर दी।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद हुई गिरफ्तारी

हिसार पुलिस ने 15 मई को ज्योति को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश में संदिग्ध जासूसी गतिविधियों को लेकर कार्रवाई तेज हो गई थी। पुलिस का दावा है कि ज्योति के संपर्क दिल्ली स्थित पाक उच्चायोग के पूर्व सदस्य दानिश से जुड़े पाए गए और कॉल डिटेल रिकॉर्ड सामने आने के बाद कार्रवाई की गई।

ज्योति हिसार की न्यू अग्रसेन कॉलोनी की निवासी हैं। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 3, 4 और 5 के तहत मामला दर्ज है। इन धाराओं में जासूसी, राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालना और गोपनीय जानकारी साझा करना जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

अब सबकी नजर हाईकोर्ट के फैसले पर है। क्या ज्योति को जमानत मिलेगी या उन्हें अभी जेल में ही रहना होगा — इसका फैसला आने वाले आदेश से साफ होगा।