राष्ट्रपति मुर्मू ने प्रचंड में भरी उड़ान, रचा इतिहास

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन से स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर प्रचंड में बतौर को-पायलट उड़ान भरकर इतिहास रचा और कॉकपिट से देश को संबोधित किया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने प्रचंड में भरी उड़ान, रचा इतिहास

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने LCH प्रचंड में भरी उड़ान
कॉकपिट से दिया संदेश- वीर सैनिकों को गर्व के साथ धन्यवाद
वायु शक्ति-2026 युद्धाभ्यास में भी रहेंगी मौजूद


देश की सर्वोच्च कमांडर और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को इतिहास रच दिया। उन्होंने जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन से स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर HAL Light Combat Helicopter Prachand ‘प्रचंड’ में बतौर को-पायलट उड़ान भरी। वे इस अत्याधुनिक फाइटर हेलिकॉप्टर में उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बन गई हैं। उड़ान के दौरान उन्होंने कॉकपिट से सैल्यूट कर देशवासियों का अभिवादन किया और रेडियो संदेश के माध्यम से वीर सैनिकों को धन्यवाद दिया।

प्रचंड हेलिकॉप्टर में चढ़ती हुईं राष्ट्रपति। इस दौरान एयर चीफ मार्शल भी वहां मौजूद रहे।

राष्ट्रपति सुबह करीब 9:15 बजे जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पहुंचीं। वायुसेना अधिकारियों ने उन्हें हेलिकॉप्टर की तकनीकी विशेषताओं और मिशन प्रोफाइल की विस्तृत ब्रीफिंग दी। इसके बाद वे पायलट यूनिफॉर्म में कॉकपिट में बैठीं और सुबह लगभग 10:15 बजे ग्रुप कैप्टन एन.एस. बहुआ के साथ 25 मिनट की उड़ान भरी। इस दौरान उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों और पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज का हवाई निरीक्षण किया।

जैसलमेर के प्रसिद्ध जैसलमेर किला के ऊपर से उड़ान भरते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि प्रचंड हेलिकॉप्टर आत्मनिर्भर भारत का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने संदेश में कहा, “मैं देश के वीर सैनिकों को गर्व के साथ धन्यवाद देती हूं। मेरा सभी को प्यार भरा नमस्कार। जय हिंद, जय भारत।”

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पायलट की यूनिफॉर्म में जैसलमेर में वायुसेना स्टेशन पहुंचीं।

राष्ट्रपति इससे पहले लड़ाकू विमान Sukhoi Su-30MKI और Dassault Rafale में भी उड़ान भर चुकी हैं। 29 अक्टूबर 2025 को उन्होंने अंबाला एयरबेस से राफेल में उड़ान भरी थी। अब प्रचंड में उड़ान के साथ उन्होंने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है।

गौरतलब है कि तीन वर्ष पूर्व नवरात्रि के अष्टमी के दिन प्रचंड हेलिकॉप्टर को भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल किया गया था। उस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इसमें उड़ान भरी थी और इसे भारत का ‘विजय रथ’ बताया था। उन्होंने कहा था कि नाम भले ही लाइट हो, लेकिन इसका काम भारी है और यह दुश्मनों को चकमा देने में सक्षम है।

फोटो 29 अक्टूबर, 2025 की है। जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंबाला एयरबेस से राफेल में उड़ान भरी थी।

शाम को राष्ट्रपति पाकिस्तान सीमा के निकट पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में होने वाले भारतीय वायुसेना के सबसे बड़े युद्धाभ्यास Vayu Shakti 2026 की साक्षी बनेंगी। इस अभ्यास में लड़ाकू विमान अपनी मारक क्षमता और सटीक लक्ष्य भेदन कौशल का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

राष्ट्रपति की यह उड़ान न केवल सैन्य बलों के मनोबल को बढ़ाने वाली है, बल्कि आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन की दिशा में भारत की प्रगति का भी सशक्त संदेश है।