नौकरी के नाम पर रिश्वत, एआर ऋषि महाजन सस्पेंड; एसीएस ने जारी किया आदेश

कैथल में पैक्स में नौकरी लगवाने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में असिस्टेंट रजिस्ट्रार ऋषि महाजन को एंटी करप्शन ब्यूरो ने रंगे हाथ पकड़ा। सहकारिता विभाग ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है।

नौकरी के नाम पर रिश्वत, एआर ऋषि महाजन सस्पेंड; एसीएस ने जारी किया आदेश

ऋषि महाजन 30 हजार रुपए लेते रंगे हाथ पकड़े गए
■ एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई के बाद सहकारिता विभाग ने किया निलंबित
■ एक लाख रुपए की मांग, 70 हजार पहले ही ले चुके थे

कैथल। पैक्स में नौकरी लगवाने के नाम पर रिश्वत लेने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा रंगे हाथ पकड़े गए पैक्स के असिस्टेंट रजिस्ट्रार ऋषि महाजन को हरियाणा सहकारिता विभाग ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इस संबंध में विभाग के एसीएस की ओर से निलंबन पत्र जारी किया गया है।

जानकारी के अनुसार, ऋषि महाजन ने इंस्पेक्टर जसबीर सिंह के साथ मिलकर गांव पाडला के एक युवक को पैक्स में नौकरी दिलवाने का झांसा दिया था। इसके बदले एक लाख रुपए की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, 70 हजार रुपए पहले ही लिए जा चुके थे, जबकि बाकी 30 हजार रुपए लेते समय दोनों अधिकारियों को वीरवार को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

एसीएस ने जारी किया निलंबन आदेश

कार्रवाई के बाद सहकारिता विभाग के एसीएस ने निलंबन का पत्र जारी किया। आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान ऋषि महाजन का मुख्यालय रजिस्ट्रार सहकारी समितियां, हरियाणा पंचकुला का कार्यालय रहेगा। बिना पूर्व अनुमति के वह मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।

वेतन और भत्तों पर असर

निलंबन के पहले छह महीनों तक उन्हें अवकाश वेतन और महंगाई भत्ते के बराबर राशि पर जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा, जो आधे औसत वेतन के आधार पर निर्धारित होगा। यदि निलंबन अवधि छह माह से अधिक होती है, तो उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता तभी मिलेगा जब वह प्रमाण पत्र देंगे कि वे किसी अन्य रोजगार या व्यवसाय में संलग्न नहीं हैं।

शिकायत पर हुई कार्रवाई

इस पूरे मामले की शिकायत गांव पाडला निवासी मांगेराम ने एंटी करप्शन ब्यूरो को दी थी। उनका आरोप था कि अपने पोते अभिमन्यु को पैक्स में नौकरी दिलवाने के नाम पर एक लाख रुपए की मांग की गई। एसीबी ने ट्रैप लगाकर 30 हजार रुपए लेते समय दोनों को दबोच लिया।

फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।