करनाल के घरौंडा सीएचसी में दो पक्षों के बीच मारपीट,पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की

करनाल के घरौंडा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आधी रात दो पक्षों के बीच मारपीट और पत्थरबाजी हुई। इमरजेंसी कक्ष का दरवाजा टूट गया। अस्पताल प्रशासन ने पुलिस में शिकायत देकर सुरक्षा की मांग की है।

करनाल के घरौंडा सीएचसी में दो पक्षों के बीच मारपीट,पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घरौंडा में दो पक्षों के बीच जमकर ईंट-पत्थर
■ इमरजेंसी कक्ष का दरवाजा टूटा, ड्यूटी स्टाफ का काम प्रभावित
■ एसएमओ ने रात में पुलिसकर्मी तैनात करने की उठाई मांग


करनाल। जिले के घरौंडा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घरौंडा में आधी रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब इलाज कराने पहुंचे दो पक्ष आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि आपातकालीन कक्ष के पट्टी रूम में ईंट-पत्थर चलने लगे। इस दौरान इमरजेंसी कक्ष का दरवाजा टूट गया और ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ को काम रोकना पड़ा।

अस्पताल प्रशासन ने घटना को गंभीर मानते हुए थाने में शिकायत दी है और रात के समय सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तैनात करने की मांग की है।

घरौंडा सीएचसी के बाहर का दृश्य।

रात 12:25 बजे पहुंचे थे दोनों पक्ष

सीएचसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रशांत राणा ने थाना प्रभारी को दी लिखित शिकायत में बताया कि 25 फरवरी की रात करीब 12:25 बजे वार्ड नंबर 06 घरौंडा निवासी आकाश अपने साथियों के साथ लड़ाई-झगड़े में घायल होने के बाद एमएलआर कटवाने अस्पताल पहुंचा था।

कुछ देर बाद गांव कोहंड निवासी अनुज भी अपने साथियों के साथ मेडिकल करवाने के लिए इमरजेंसी में पहुंच गया। दोनों पक्ष जैसे ही आमने-सामने आए, पुराना विवाद फिर भड़क उठा और पट्टी कक्ष में दोबारा मारपीट शुरू हो गई।

इमरजेंसी कक्ष में चला पत्थर

शिकायत के अनुसार, झगड़े के दौरान दोनों ओर से ईंट और पत्थर फेंके गए। इससे इमरजेंसी कक्ष का दरवाजा क्षतिग्रस्त हो गया। उस समय मौजूद चिकित्सा अधिकारी और अन्य स्टाफ को जान बचाकर किनारे होना पड़ा। कुछ देर के लिए इलाज की प्रक्रिया भी बाधित रही।

अस्पताल प्रशासन ने इसे सरकारी संपत्ति को नुकसान और सरकारी कार्य में बाधा करार दिया है।

एसएमओ बोले— स्टाफ की सुरक्षा जरूरी

डॉ. प्रशांत राणा ने पत्र में दोनों पक्षों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि रात की ड्यूटी के दौरान अस्पताल में पुलिसकर्मी की तैनाती बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

सीएचसी से निकलते हुए लोग।

पुलिस ने दर्ज किया केस

थाना प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। दोनों पक्षों को थाने में बुलाकर बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद अस्पताल परिसर में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए।